
जब लालटेन की रोशनी में दूल्हा- दुल्हन ने लिए सात फेरे
रातभर बजती रहीं फोन की घंटी
शहडोल- शादियों का सीजन चल रहा है, जहां देखो वहां शादियां हो रही हैं, लेकिन जब शादी के ऐन वक्त पर लाइट ही गुल हो जाए और शादी की व्यवस्था लालटेन के सहारे करनी पड़े, यहां तक की सात फेरे भी लालटेन की रोशनी में ही लेनी पड़े तो फिर उसे क्या कहेंगे।
जब गुल हो गई बिजली
बिजली विभाग की मनमानी पर रोक लगाना प्रशासन के बस की बात नहीं रह गई है। अधिकारियों कर्मचारियों की मनमानी का मामला रविवार कि रात देखने को मिला, जब पाण्डवनगर के सरस्वती स्कूल के सामने बनी कॉलोनी में रात लगभग 9.30 बजे बिजली अचानक गुल हो गई, इसके बाद लोगों ने बिजली कार्यालय में टेलीफोन पर और स्वयं जाकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन मौक पर कंट्रोल रूम में ड््यूटी पर तैनात बिजली कर्मचारी बिजली सुधार वाहन का रोना रोता रहे और इसके बाद लगभग जब एक घंटे तक बिजली नहीं आई तब लोगों ने टेलीफोन में शिकायत करनी चाही, लेकिन ड््यूटी में तैनात बिजली कर्मचारी ने फोन नहीं उठाया और रात भर लोगों ने बारी बारी से फोन लगाया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, वहीं दूसरे दिन सोमवार को दोपहर 12 बजे तक बिजली फाल्ट का सुधार करने बिजली का अमला नहीं पहुंचा था।
अंधेरे के साए में लिए फेरे
नगर के पाण्डवनगर स्थित मुडऩा नदी के किनारे कहार मुहल्ले में दो सोंधिया परिवार के यहां बेटियों की शादी थी, गरीबी और तंग हाली के कारण परिवार जनरेटर की व्यवस्था नहीं करा सका था और इसी दौरान द्वार पर बारात आ पहुंची और द्वारचार और शादी के दौरान बिजली नहीं आई और दुल्हे और दुल्हन को अंधेरे के साए में सात फेरे लेने पड़े, इस दौरान सोंधिया परिवार ने लालटेन और चिमनी के सहारे मेहमानों का स्वागत और शादी समारोह कराया। लेकिन इस दौरान बिजली नहीं आई।
Published on:
01 May 2018 01:07 pm
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