26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अधिकारियों की सांठगांठ से नदी में हैवी मशीन उतार कर निकाल रहे रेत

बटली घाट, श्यामडीह, नरवार, रोहनिया और कुनुक में सुबह से लेकर देर रात तक हो रही रेत की निकासी  

less than 1 minute read
Google source verification
अधिकारियों की सांठगांठ से नदी में हैवी मशीन उतार कर निकाल रहे रेत

अधिकारियों की सांठगांठ से नदी में हैवी मशीन उतार कर निकाल रहे रेत

शहडोल . जिले में खनन माफिया बेखौफ हैवी मशीनें उतारकर नदियों से रेत निकाल रहे हैं। अधिकारियों से संाठगांठ ऐसी हैै कि दिन में ही रेत निकाल रहे हैं। कई जगहों पर रेत डंप करते हुए पहाड़ बना दिया है। जिले के बटली घाट, श्यामडीह, नरवार, रोहनिया और कुनुक नदी नवाटोला में माफिया हावी है। यहां सुबह से लेकर देर रात तक बड़े वाहनों के माध्यम से रेत का अवैध परिवहन कर रहे हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से अधिकारियों ने भी खुली छूट दे रखी है। इधर, बेखौफ अवैध खनन के खिलाफ कांग्रेस ने विरोध जताया है। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने कहा है कि, शहडोल जिले में इस समय रेत का अवैध उत्खनन चरम पर है, जिसमें पुलिस रेत माफियाओं से लेन-देन का संबंध भी सर्वविदित है। बटली घाट से भी भारी मात्रा मे लगातार रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जिसे 20 हजार से 30 हजार रुपए के मनमाने दाम पर बेचा जा रहा है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा अगर शीघ्र ही इस अवैध उत्खनन और कालाबाजारी को नहीं रोका गया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्र में भी रेत का अवैध कारोबार जारी
शहर सहित ग्रामीण इलाकों में भी काले रेत का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। मजदूरों के माध्यम से बीच धार से रेत की निकासी कर डंप किया जाता है। इसके बाद सुबह से लेकर देर शाम तक डग्गी व ट्रैक्टरों के माध्यम अंचलों में सप्लाई की जाती है। सोन की रेत के दाम बढऩे के कारण ग्रामीण क्षेत्र के नदी नालों के रेत के दाम भी दो गुने हो गए हैं। पुलिस व खनिज के आपसी गठजोड़ से रेत का कारोबार काफी समय से संचालित किया जा रहा है। बावजूद इसके प्रशासन की तरफ से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।