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मजदूर और किसानों के लाडलों ने किया है ये कमाल, इनकी सफलता जान आप भी रह जाएंगे हैरान

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Workers and farmers' sons success story, qualify for IIT

शहडोल- कहते हैं प्रतिभा किसी भी तरह के सुविधाओं की मोहताज नहीं होती, उन्हें तो बस अवसर की तलाश होती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है शहडोल जिले के छात्र छात्राओं ने, ऐसी सफलता हासिल की है, जिसे जानने के बाद हर कोई कहे वाह क्या कमाल किया है। अपनी इस सफलता से शहडोल जिले का मान बढ़ाया है।

दिखा दिया हम किसी से कम नहीं
दरअसल शहडोल जिले के 11 आदिवासी विद्यार्थियो ने आईआईटी जैसी राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थाओ में प्रवेश पाकर पूरे देश में अपनी योग्यता का परचम फहरा दिया है। ये सभी विद्यार्थी ग्रामीण परिवेश से जुड़े हुए हैं। किसी के माता पिता मजदूरी करते हैं तो किसी का परिवार खेती किसानी करके परिवार का गुजर बसर करता है। लेकिन इनके बच्चों ने अपनी मेहनत और लगन से वो कमाल कर दिखाया जो अबतक कोई नहीं कर सका है।

आईआई टी. में प्रवेश पाने वाले जिले के विद्यार्थियो में जिला मुख्यालय शहडोल में संचालित एकलव्य आदिवासी विद्यालय के नीरज सिंह परस्ते जिनके पिता का नाम लखन सिंह है और ये ग्राम सीधी के रहने वाले हैं, रामरतन सिंह इनके पिता का नाम दादूराम है और ये भी ग्राम बोचकी के रहने वाले हैं, पुष्पेद्र सिंह इनके पिता का नाम पिता राजेन्द्र सिंह है, इन्होंने सफलता हासिल किया है।



उत्कृष्ट स्कूल के अजय सिंह मरावी, शासकीय ज्ञानोदय विद्यालय के भूपेंद्र बैगा, संतदास साकेत और धीरज कुमार चर्मकार, शासकीय आदर्र्श स्कूल जयसिंहनगर के छोटेलाल सिंह, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुराज के रामदुलारे सिंह, शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक शहडोल के चूड़ामणि बैगा शामिल हैं।

इन्होंने तैयारी में की मदद

एकलव्य स्कूल के प्राचार्य बीएम तिवारी गणित शिक्षक शेखर गुप्ता एंव स्वाती मिश्रा, रासायन शास्त्र शिक्षक शालिनी श्रीवास्तव और भौतिक शास्त्र के शिक्षक राजकुमार श्रीवास्तव ने नियमित कोचिंग दी, जिसके बाद छात्रों ने मुकाम हासिल किया। इसके साथ ही रिलांसय फाउडेंशन सीबीएम प्रोजेक्ट के इंजीनियर स्वप्निल सिंह ठाकुर, कुमार गामनी, लोकेश कापसे वैरभ महावर, जंयत कुमार वर्मा, प्ररवर गलगले ने भी ट्रेनिंग दी।

अफसरों ने कहा, सिर ऊंचा कर दिया

आयुक्त शहडोल सभाग रजनीश श्रीवास्तव, डीआईजी आरके अरूसिया, कलेक्टर नरेश पाल, एसपी सुशांत सक्सेना, सीईओ जिपं एसकृष्ण चैतन्य से इन विद्यार्थियो ने भेंट की। इस अवसर पर कमिश्नर श्रीवास्तव ने शहडोल जैसे आदिवासी अंचल के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया, उन्होंने विद्यार्थियो की कड़ी मेहनत तथा उनकी प्रतिभा की सराहना की तथा इनकी कोचिंग में मदद करने वाले शिक्षको एवं इंजीनियरों के समर्पण को भी सराहा। सभी अफसरों ने एक स्वर में कहा, छात्रों ने सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। सहायक आयुक्त बरकड़े, एकलव्य स्कूल प्राचार्य बीएम तिवारी, शासकीय ज्ञानोदय प्राचार्य पट्टा उपास्थित रहे।