
शहडोल. पिछले दो साल से अलग-अलग रह रहे युवा जोड़े का तो चार दिन पहले ही वैलेंटाइन डे मन गया है। सिंहपुर रोड निवासी जितेंद्र यादव की शादी छादा नौरोजाबाद निवासी रेखा के साथ वर्ष 2012 में हुआ था। मनमुटाव के चलते रेखा मायके चली गई थी। काफी समझाने के बाद भी वह आने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन न्यायाधीश की समझाइश के बाद यह युवा जोड़ा साथ रहने के लिए तैयार हो गया। इन दोनों का प्रकरण अदालत में हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत दायर किया गया था, जिसे नेशनल लोक अदालत में रखा गया था।
न्याय सबके लिये की अवधारणा को साकार रूप प्रदान करने के लिये शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.के. सिंह के निर्देशन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में समन्वय स्थापित करने के लिये विशेष न्यायाधीश डी.के. पालीवाल को लोक अदालत का समन्वयक / प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया था। जिला न्यायालय शहडोल में एवं तहसील न्यायालयों जयसिंहनगर, बुढ़ार एवं ब्योहारी में प्रकृतिवार प्रकरण लोक अदालत में रखे गये। जिनका पक्षकारों के मध्य राजीनामा के आधार पर निराकरण किया ।
जिला न्यायालय में आये इतने मामले
जिला न्यायालय के अंतर्गत कुल 632 लंबित मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में से कुल 231 प्रकरण लोक अदालत में रेफर किये गये थे जिसमे से 32 प्रकरणों में कुल मिलाकर 3141000/-रुपये का एवार्ड पारित किया गया। बिजली के कुल 67 लंबित प्रकरणों में 41 प्रकरण लोक अदालत में रेफर किये गये जिसमें से 08 प्रकरणों का निराकरण राजीनामा के आधार पर किया गया तथा 50932/-रूपये का एवार्ड पारित किया गया। धारा 138 के अंतर्गत 402 रेफर प्रकरणों में 23 प्रकरण निराकृत हुये तथा 2681465/-रूपये की राशि के एवार्ड पारित किये गये। न्यायालय में लंबित मामलों में 688 प्रकरण रखे गये जिसमें से 93 का निराकरण राजीनामा के आधार पर हुआ। वैवाहिक प्रकरणों के निराकरण हेतु कुटुम्ब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण की अध्यक्षता में पीठ का गठन किया गया था। जिसमें 43 प्रकरण रखे गये जिसमें से 10 प्रकरण राजीनामा के आधार पर निराकृत हुये और 28 लोग लाभांवित हुये। कुल मिलाकर न्यायालय में लंबित प्रकरणों में 1652 प्रकरण रखे गये जिसमें से 182 प्रकरण निराकृत हुये तथा 5868236/-रूपये का एवार्ड राशि पारित हुई। प्रीलिटिगेशन स्तर पर बैंक रिकवरी के 2999 प्रकरण में से 211 प्रकरण निराकृत हुये तथा 4061541/- की राशि बैंको में जमा हुई। बिजली के 1390 पूर्ववाद प्रकरणों में से 233 प्रकरणों का निराकरण हुआ तथा 1118970/-रूपये की राशि की वसूली की गई। इसी तरह नगरपालिका के जलकर एवं संपत्तिकर के 1119 प्रकरणों में से 181 प्रकरण निराकृत हुये और 288562/-रूपये की वसूली की गई। दूरसंचार के 210 प्रकरणों मे से 13 प्रकरण निराकृत हुये। जिन प्रकरणों में समझौता हुआ उनके पक्षकारों को वनविभाग से प्राप्त औषधीय एवं फलदार पौधे लोक अदालत की स्मृति चिन्ह स्वरूप प्रदान किए गए। अंतत: 10 फरवरी 2018 को आयोजित नेशनल लोक अदालत सफल रही और न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में कमी आई।
स्वच्छता से शुरू हुई लोक अदालत
बुढ़ार . व्यवहार न्यायालय बुढार में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ के पूर्व भारत अभियान के तहत माननीय न्यायाधीशो ने न्यायालय प्रांगण की सफाई में सहभागिता निभाई। जिसमे न्यायालयीन कर्मचारी तथा अधिवक्ताओं ने भी स्वच्छता कार्य मे सम्मिलित हुये। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्यविधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन पर बुढार न्यायालय में नेशनल लोक अदालत अवसर पर प्रातकाल व्यवहार न्यायाधीष वर्ग-1 माननीय एसके विश्वकर्मा एवं न्यायाधीष वर्ग-2 विनोद कुमार वर्मा ने स्वच्छता की दिशा मेे स्वत: आगे आकर न्यायालय प्रांगण की सफाई मे ंस्वच्छता कर्मियों के साथ जुटकर प्रांगण को स्वच्छ करवाया। स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता कार्य मे मुख्यनगरपालिका अधिकारी रविकरण त्रिपाठी , एसके ओझा ,अधिवक्ता प्रदीप सिह , मनोज श्रीवास्तव , आजाद सिह , इन्द्रकुमार तिवारी , अनीता सहोता , इकबाल अहमद , रेखा गुप्ता , रीना पात्रिक , राजेन्द्र तिवारी , राजीव रावत , रामनिवास विश्वकर्मा , शैलेन्द्र सिह , गौरव सिह , अरुण सोनी , दिनेश सलामी प्रद्युमन वर्मन , बालगोविन्द्र आदि ने अपना योगदान दिया।
Published on:
11 Feb 2018 07:37 pm
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