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शहीद राम प्रसाद बिस्मिल के घर की जमीन पर दबंगों का कब्जा !

काकोरी काण्ड के नायक थे, मंत्री ने दिया सुरक्षित करने का आश्वासन

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 ram prasad bismil

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शाहजहाँपुर। 15 august को पूरा देश स्वतन्त्रता दिवस के रंग में रंगा होगा। देश के कोने कोने में शहीदों को सलाम किया जायेगा। लेकिन हम एक ऐसे अमर शहीद की बदहाली से आपको रुबरु कराने जा रहे हैं कि जिसने अपना छात्र जीवन बेहद ही आर्थिक तंगी में गुजारा और जवानी देश के नाम कुर्बान कर दी। जी हां, हम बात कर रहे है अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की। उस शहीद की उपेक्षा किस तरह की जाती है इसका एक दुखद नजारा आपको शाहजहांपुर में देखने को मिल जायेगा। जहां उस शहीद की गरीबी का सरकारों द्वारा जमकर मजाक बनाया जा रहा है। वहीं शहीद के आसियाने का ये हाल देखकर सरकारों की शहीदों के प्रति बेरुखी देख् कर लोगों के दिल में आज एक कसक उठ रही है।


पंडित रामप्रसाद बिस्मिल शाहजहाँपुर के खिरनीबाग स्थिति एक छोटे से घर में अपनी माँ के साथ रहते थे। सन 1919 में शाहजहांपुर के एबीरिच इंटर कालेज में कक्षा 7 में पढ़ते थे। पत्रिका के हाथ लगे स्कूली दस्तावेज के मुताबिक़ सत्र के पहले महीने में ही अपनी गरीबी के चलते फीस के 3.20 रुपये ( तीन रुपये बीस पैसे ) बकाया थे। माँ ने बहुत कोशिश की नहीं दे सके और स्कूल प्रशासन ने नाम काट दिया। जो रिकार्ड में दर्ज है। वहीं बिस्मिल ने 9 अगस्त 1925 को काकोरी में ट्रेन लूट काण्ड में भाग लिया। और ट्रेन लूट काण्ड के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद 19 दिसंबर 1927 को वीरगति को प्राप्त हुए। वही पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के वीरगति को प्राप्त होने के बाद शहर के कुछ दबंगों ने उनके घर को अपने कब्जे में ले लिया।

आपको बता दे कि शाहजहांपुर की हमेशा ही लखनऊ से दिल्ली तक राजनीति में अपनी ख़ास पहचान रही है। लेकिन किसी भी राजनेता ने पंडित बिस्मिल के घर को धरोहर रूप में संरक्षित करने की जहमत नहीं उठाई।

वही शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल के घर पर सरकार की बेरुखी के बारे में जब जिले के प्रभारी और उत्तर प्रदेश कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी से पूछा तो मंत्री जी भी अपने को फंसता देख प्रति संवेदना व्यक्त कर चले गए। इतना ही नहीं हाल ही में सम्पन्न हुए 2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अशफाक और बिस्मिल के नाम एक म्यूजियम का शिलान्यास करने आये केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा ने तो यहां तक कह दिया कि आज तक उन्हें किसी भाजपा नेता ने बताया ही नहीं कि पंडित रामप्रसाद बिस्मिल का यहाँ घर भी है।







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