
jitin prasad and neelima prasad
शाहजहांपुर। प्रसाद भवन से खिसकती राजनीति को बचाने के लिए भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरीं नीलिमा प्रसाद और उनके देवर कुंवर जितिन प्रसाद के परिवार के बीच दीवार खड़ी हो गयी है। इस वजह से जितिन प्रसाद निकाय चुनाव में नीलिमा से दूरियां बनाये हुए हैं। वहीं नीलिमा प्रसाद भी उनका सहयोग न लेने का पहले ही एलान कर चुकी हैं। फिलहाल इस निकाय चुनाव में प्रसाद भवन की प्रतिष्ठा पूरी तरह से दांव पर है।
लखनऊ से दिल्ली तक प्रसाद भवन की हनक
बता दें कि शाहजहांपुर के प्रसाद भवन की राजनीति में अपनी ख़ास पहचान थी। इस प्रसाद भवन की पहचान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय कुंवर जितेंद्र प्रसाद उर्फ़ बड़े बाबा साहब और स्वर्गीय कुंवर जयेंद्र प्रसाद उर्फ़ छोटे बाबा साहब के नाम से थी। दोनों भाइयों में बेहद प्यार था। ख़ास बात ये है कि इन दोनों कांग्रेस नेताओं की लखनऊ से लेकर दिल्ली की राजनीति तक अपनी अलग पहचान थी। शायद यही वजह थी कि गांधी परिवार का कांग्रेस नेता कुंवर जितेन्द्र प्रसाद ने आगे आकर विरोध किया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा।
भाजपा में शामिल होने के बाद बढ़ीं दूरियां
कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद बड़े बाबा साहब जितेंद्र प्रसाद के पुत्र हैं, जबकि जयेंद्र प्रसाद के कुंवर जयेश प्रसाद, जीवेश प्रसाद और जिगनेश प्रसाद बेटे हैं। अब तक चारों भाइयों में बेहद स्नेह रहा है। किसी भी पारिवारिक कार्यक्रम में चारों भाईयों का प्रेम देखते ही बनता था, लेकिन अब जब कुंवर जयेश प्रसाद ने पत्नी नीलिमा के साथ भाजपा का दामन थामा और भाजपा ने शाहजहांपुर नगर पालिका से नीलिमा को अपना प्रत्यासी घोषित किया। तब से इनके बीच दूरी बढ़ने लगी है। जहां भाभी नीलिमा ने चुनाव में सहयोग लेने से इनकार कर दिया है। वहीं देवर जितिन प्रसाद भी दूरी बनाए हुए हैं। एक चुनावी सभा के बाद जब मीडिया ने कुंवर जितिन प्रसाद से नीलिमा प्रसाद की निकाय चुनाव में मदद के बारे में पूछा तो वो बिना कुछ बोले चुपचाप निकल वहां से निकल गए।
प्रसाद भवन में खड़ी हुई दीवार
बता दें कि प्रसाद भवन में अंदर जाने के लिए एक मुख्य द्वार है। मुख्य द्वार से दाहिनी ओर एक आड़ी तिरछी दीवार जल्दी ही बनवाई गयी है। जिसमें दाहिनी ओर पुराना प्रसाद भवन है। जिसमें कुंवर जितेंद्र प्रसाद और कुंवर जयेंद्र प्रसाद रहते थे। जिसमें अब कुंवर जयेश प्रसाद अपने दोनों भाइयों जीवेश और जिगनेश के साथ रहते हैं। वहीं मुख्य द्वार से वायीं ओर कुंवर जितिन प्रसाद की कोठी है। उसमें वो अपनी मां कान्ता प्रसाद और पत्नी नेहा प्रसाद के साथ रहते हैं।
Published on:
23 Nov 2017 07:01 pm
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