9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

योगी आदित्यनाथ के करीबी स्वामी चिन्मयानन्द को रेप केस में हाजिर होने का आदेश, देखें वीडियो

12 जुलाई को हाजिर न हुए तो गैर जमानती वारंट जारी होगा, पीड़िता ने लगाए हैं कई गंभीर आरोप

2 min read
Google source verification
Swami Chinmayanand

Swami Chinmayanand

आगरा। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के करीबी और पूर्व केन्द्रीय गृह राज्यमन्त्री स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। पीड़िता की आपत्ति के बाद मामले को संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के खिलाफ वारन्ट जारी कर दिया है। बीजेपी सरकार ने स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती का केस वापस लेने के लिए लिखा पढ़ी शुरू कर दी थी। इसी दौरान पीड़िता ने कोर्ट में आपत्ति दाखिल कर दी। आपत्ति के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इतना ही नहीं अगर स्वामी चिन्मयानंद दी गई तारीख पर कोर्ट में हाजिर नही होते हैं, तो अगला एनबीडब्लू वारंट (गैर जमानती वारंट) जारी होगा। वहीं अब पीड़िता का कहना है रेप केस में कोर्ट से वारन्ट जारी करने की इस कार्यवाही के बाद सरकार को मुकदमा वापस लेने के फैसले पर माफी मांगनी चाहिए।

यह भी पढ़ें

पत्नी सुख में बाधा और प्रेम में असफलता, जानिए कैस रहेगा आपका आज का दिन

शिष्या ने लगाया था बंधक बनाकर रेप का आरोप

दरअसल 2011 में स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती की शिष्या ने स्वामी पर बन्धक बनाने, रेप करने, जान से मारने की कोशिश और जबरन उसका गर्भपात कराने सहित कई गंभीर मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। लम्बे समय के बाद मामले में सुनवाई शुरू हो गई। सरकार ने स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती का मुकदमा खत्म करने के लिए सीनियर प्रोसिक्यूशन आफिसर के जरिए पत्राचार किया था। लेकिन पीड़िता ने सरकार के फैसले को कोर्ट में चुनौती देकर अपनी आपत्ति दाखिल की थी। कोर्ट में पेश न होने पर कोर्ट ने स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के खिलाफ वारन्ट जारी कर दिया है। कोर्ट ने अगली पेशी के लिए स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती को 12 जुलाई 2018 का दिन मुकर्रर किया है।

यह भी पढ़ें

व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर, योगी सरकार ने उठाया ये कदम

माफी मांगे सरकार

इस मामले में पीड़िता का कहना है कि कोर्ट ने वारन्ट जारी करके अपनी मंशा साफ कर दी है। सरकार को स्वामी चिन्मयानन्द सरस्वती के मुकदमा वापस लेने के फैसले पर माफी मांगना चाहिए। फिलहाल स्वामी चिन्मयानंद रेप केस वापसी लेने के फैसले के बाद सरकार की फजीहत हुई थी। पीड़िता के अलावा विरोधी पार्टीयों ने भी जमकर निशाना साधा था।

यह भी पढ़ें

मन्दिर की दानपेटी चोरी करते सीसीटीवी कैमरे में कैद, गिरफ्तार