
mystery open karj mafi
रामविलास सक्सेना
शाहजहाँपुर। किसानों को "फसल ऋण मोचन योजना "के तहत शाहजहांपुर में 20 हजार से अधिक किसानों को कर्जमाफी का लाभ दिया गया। जिसमें ख़ास बात ये है कि सैकड़ों किसानों को कर्जमाफी की धनराशि से कई कई गुना खर्च कर सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया गया।
जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो कृषि माफी योजना का लाभ पाए किसानों को प्रमाण पत्र वितरण में सरकारी पैसे का जमकर दुरुपयोग हुआ है। जिसमें जिले के सैकड़ों किसानों का एक रुपया या दो रुपया, 5 रुपया जैसे कर्ज माफ़ हुए हैं। किसान पर खर्च लगभग पांच सौ रुपया हुआ है। साथ ही किसान ने अपना पूरा दिन खराब किया। सरकार ने ऐसे किसान को जो सर्टिफिकेट दिए है उस सर्टिफिकेट के प्रिंटआउट शाहजहांपुर तक बस का आना-जाना खर्च, खाना सहित लगभग 500 रुपया खर्च हुआ लेकिन कर्जा माफ़ डेढ़ रुपया हुआ है।
दरअसल यूपी सरकार ने प्रदेश भर में कर्जमाफी की योजना का लाभ पाए किसानों को प्रमाण पत्र देने का जिम्मा अपने मंत्रियों को दिया है। जिसमें जिले में कार्यक्रम कर कर्जमाफी का लाभ पाए किसानों को कार्यक्रम स्थल तक लाने-ले जाने के अलावा खाना,पानी तक की जिम्मेवारी सरकार की है। इसी के चलते शाहजहांपुर में भी हुए प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में लगभग 5 हजार किसानों को लाया गया। जिसमें सैकड़ों किसानों का महज एक, दो, डेढ़ रुपया जैसा कर्ज माफ़ हुआ है।
जिले में 20158 किसानों को कर्ज मुक्ति का लाभ मिला है। इन किसानों में कई लोग ऐसे हैं। जिन पर डेढ़ रुपया, छह रुपया, दस रुपया, सौ रुपया लोन बैंक ने माना, उसे माफ कर बैंक की ओर से किसानों को कर्जमुक्ति प्रमाण पत्र दिया गया। जलालाबाद तहसील के गांव केवलरामपुर के रहने वाले रामप्रसाद का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। लघु सीमांत किसान होने के कारण रामप्रसाद का नाम कर्जमाफी लिस्ट में आया। लेखपाल ने उनका सत्यापन किया, रिपोर्ट दे दी। सोमवार को रामप्रसाद को कर्जमुक्ति प्रमाण पत्र मिला। प्रमाण पत्र देख कर रामप्रसाद भौचक्के रह गए। रामप्रसाद को न तो रुलाई आ रही थी और न ही वह हंस पा रहे थे। क्योंकि बैंक ने जो प्रमाण पत्र रामप्रसाद को दिया, उसमें लिखा था कि उनका डेढ़ रुपये का लोन माफ कर दिया गया है। जिले में पहले चरण में बीस हजार किसानों का लोन माफ किया गया है। इसके लिए सोमवार को बड़ा आयोजन किया गया, जिसमें प्रभारी मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने किसानों को नोडयूज प्रमाण पत्र वितरित किए। अब सोमवार को जिन किसानों को डेढ़ रुपए, छह रुपए, दस रुपए, सौ रुपए कर्जमाफी के प्रमाण पत्र मिले हैं, उन्होंने अपनी बैंकों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए।
Updated on:
13 Sept 2017 08:00 pm
Published on:
13 Sept 2017 07:54 pm
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