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यहां नाराज जनता ने 2019 के लोकसभा चुनावों में नेताओं को सबक सिखाने की खायी कसम, जानिए ऐसा क्या हुआ!

सड़क निर्माण को लेकर काफी समय से परेशान थे ग्रामीण। सुनवाई न होने पर उन्होंने खुद चंदा इकट्ठा कर ये काम पूरा कराया।

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शाहजहांपुर। भले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क को गड्ढामुक्त कराने की बात कह रहे हों, लेकिन उनके नेता और सरकारी विभाग के अफसर उनके इस अभियान को पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। ताजा मामला शाहजहांपुर जिले का है। यहां नेताओं और प्रशासन की बेरुखी से नाराज होकर ग्रामीणों ने डेढ़ किलोमीटर की सड़क का निर्माण खुद ही करा डाला। ग्रामीणों का कहना है कि नेता चुनावों के समय तो बड़े बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में न तो कोई नेता और न ही कोई अधिकारी खबर लेने आता है। नाराज ग्रामीणों ने आने वाले लोकसभा चुनावों में ऐसे नेताओं को सबक सिखाने की पूरी तैयारी कर ली है।

ये था सड़क का हाल
अल्हागंज से इस्लाम गंज और साहब गंज जाने वाली सड़क पर कुछ दिनों पहले पैदल निकलना भी मुश्किल था। सड़क पर भरे कीचड़ के चलते ग्रामीण कई किलोमीटर घूम कर निकलते थे। कीचड़ के चलते यहां कई बार लोग गिर कर घायल हो गये। लेकिन सरकारी तंत्र से बार बार कहने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। नेताओं और अधिकारियों की अनदेखी से नाराज लोगों ने उसके बाद खुद ही सड़क बनवाने का काम शुरू कर दिया और अब ये सड़क पूरी तरह बनकर तैयार हो गई है। इलाके के ग्रामीणों ने एक किलोमीटर लम्बी सड़क बनाकर तैयार कर दी गई। इस पर लोग अब फर्राटे से गुजरते हैं।

चंदा इकट्ठा कर बनवाई सड़क
ग्रामीणों ने चंदा कर के बनवाया है। आपको बता दें कि अल्हागंज जिले का पिछड़ा इलाका माना जाता है। इस इलाके मे आने वाले लगभग 50 फीसदी गांवों को हर साल बाढ़ की किल्लत झेलनी पड़ती है। इस्लाम गंज मे रहने वाले वीरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण कई सालों से खराब पड़ी सड़क से निकलने से कतराते थे। उबड़ खाबड़ और कीचड़युक्त सड़क पर निकलना दुश्वार था। वहीं बरसात में सड़क नाला बन जाती थी। परेशानी के चलते कई बार नेताओं से गुहार लगाई, कई बार अधिकारियों के पास जाकर सड़क बनवाने की मांग की, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। वही गांव की बीडीसी सदस्य कुसुमलता ने बताया यह रास्ता आस पास के कई गांवों को जोड़ता है जिसके चलते सैकड़ों ग्रामीणों को परेशानी हो रही थी। कोई सहायता न मिलने से ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर सड़क का निर्माण कार्य कराया है।

चुनाव मे नेताओं को मिलेगा सबक
नेताओं और जिला प्रशासन की बेरुखी के बाद ही स्थानीय लोगों ने खुद सड़क बनवाने का फैसला किया। स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों को लेकर खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि 2019 में आने वाले लोकसभा चुनावों में वो झूठा वादा करने वाले नेताओं को सबक जरूर सिखाएंगे।

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