
jahanara beghum
शाहजहांपुर। निकाय चुनाव 2017 के परिणाम सामने आने के बाद 70 साल की अनपढ़ जहांआरा का पलड़ा यूपी के कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना पर भारी पड़ा। सपा प्रत्याशी जहांआरा बेगम ने शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद से जीत हासिल की है। आपको बता दें कि जहांआरा बेगम सपा नेता तनवीर खान की मां हैं। तनवीर खान पिछले 15 सालों से शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर काबिज हैं। जहांआरा को टक्कर देने के लिए मंत्री सुरेश खन्ना प्रसाद परिवार की बहू नीलिमा प्रसाद को लेकर आए थे, लेकिन उनकी ये कोशिश भी नाकामयाब रहीे।
दरअसल सूबे के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने सपा प्रत्याशी जहांआरा बेगम को चुनौती देने के के लिए चुनाव के दौरान ही प्रसाद भवन की बड़ी बहू नीलिमा प्रसाद और उनके पति कुंवर जयेश प्रसाद को भाजपा में शामिल करवाया था। साथ ही नीलिमा प्रसाद को शाहजहांपुर नगरपालिका परिषद् से भाजपा का प्रत्याशी बनाया था। नीलिमा को जिताने के लिए पूरे प्रदेश को एक तरफ कर सुरेश खन्ना ने अपने काम-काज से छुट्टी ली। भाजपा नेताओं के साथ मिलकर नीलिमा प्रसाद को जिताने के लिए उन्होंने रात दिन एक कर दिया। यही नहीं नीलिमा प्रसाद के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री कृष्णाराज ने भी दिल्ली से शाहजहांपुर में डेरा दाल दिया था।
नीलिमा प्रसाद को साथ लेकर सड़कों पर कई रोड शो किए। घर घर जाकर मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की। यही कारण है कि शाहजहांपुर नगर पालिका की जीत को सीधे तौर पर सूबे के नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा था। लेकिन उनके सारे प्रयासों पर 70 साल की अनपढ़ जहांआरा बेगम ने पानी फेर दिया और शाहजहांपुर नगरपालिका परिषद से जीत हासिल की।
लेकिन जहांआरा बेगम के इस सफर को काफी मुश्किल माना जा रहा है क्योंकि सूबे में भाजपा की सरकार आने के बाद से शाहजहांपुर नगर पालिका परिषद में जांचों का सिलसिला शुरू हो गया है। पिछले 15 सालों से नगर पालिका की सीट पर जहांआरा बेगम के बेटे तनवीर खान काबिज थे। उनके कार्यकाल में ही पालिका के बेश्कीमती जमीनों के रजिस्टर गायब हुए। इन मामलों में जांच बैठने के बाद जहांआरा के लिए ये सफर किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
Published on:
02 Dec 2017 03:39 pm
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