6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आसाराम को सजा होने के बाद पीड़िता और उसके परिवार का ये है रिएक्शन, देखें वीडियो

कोर्ट का फैसला आने के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने संतोष की सांस ली।

2 min read
Google source verification
Asaram rape case

Asaram rape case

शाहजहांपुर। अपने ही आश्रम मे साधक की नाबालिग बेटी के साथ यौन शोषण मामले मे आसाराम को जोधपुर की कोर्ट ने रेप का दोषी करार देते हुए, जब उम्र कैद की सजा सुनाई थी उस समय पीड़िता का परिवार भगवान को याद कर रहा था। वहीं पीड़िता और उसने कोर्ट के इस फैसले के बाद भगवान का तह दिल से धन्यवाद ही नहीं किया, बल्कि कहा कोर्ट के इस फैसले के बाद अब लोग तागत बर अपराधियों से लड़ने की हिम्मत कर सकेंगे।


मां से लिपट गई पीड़िता
दुराचारी आसाराम को सजा होने की खबर जब पीङिता को पता चली तो भगवान की तरफ पहले से टक टकी लगाए बैठी पीड़िता के मुंह से बस एक ही बात निकली थैंक्स गाॅड और अपनी मां की गोद से लिपट गई। पीङ़िता के पिता का कहना है कि साढ़े़ चार साल में पहली बार आज परिवार और बेटी रात मे चैन की नींद सोए हैं। पीड़िता के पिता का कहना है कि बड़ा ट्रांसपोर्ट कारोबार था, जो कई राज्यों में फैला था, लेकिन केस होने के बाद काम 80% चौपट हो गया था। कारोबार और उसके परिवार को बर्बाद करने के लिए उस पर आसाराम ने तंत्र क्रिया की थी। जिसके बाद हमारे खास और करीबी सभी रिश्तेदारों ने हमसे किनारा कर लिया था, लेकिन हमने भगवान के भरोसे और मीडिया के सहारे ये लङाई लङी और उसको अंजाम तक पहुंचाया। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। आखिरी दम तक लङाई लङते रहेंगे।

सीए बनना चाहती है बेटी
पीड़िता के पिता के मुताबिक बिटिया के बीए के पेपर हो रहे हैं। पहले वह सीए बनना चाहती थी, लेकिन पढ़ाई बर्बाद होने के बाद आज बीए के पेपर दे रही है। सुबह से बिटिया बहुत परेशान थी। पहले उसने भगवान से प्रार्थना की और पेपर देने चली गयी। जब वह घर आई तब तक आसाराम को सजा हो चुकी थी। जब ये खबर बिटिया को सुनाई तो वह उछल पड़ी और उसके मूंह से निकला थैंक्स गाॅड और पास मे खङी मां की गोद से लिपट गई। उसके बाद बिटिया ने भगवान की पूजा करके शुक्रिया अदा किया साथ ही न्यायपालिका और मीडिया का भी धन्यवाद दिया।


धरती के बोझ ऐसे बाबा
पीड़िता के पिता का कहना है कि आसाराम जैसे बाबा धरती के बोझ हैं। आज जो लोग आसाराम जैसे बाबाओं के भक्त हैं ये उनका दुर्भाग्य है। वक्त रहते भक्त सुधर जाएं वरना आगे चल हाल बुरा हो सकता है। उनका कहना है कि एक वक्त ऐसा आया जब उन्हे लगा कि हम हार गए। उनकी तबियत खराब होती जा रही थी। कई डाक्टरों को दिखाया, दवा खाई पर फायदा नहीं हो रहा था। मरने के किनारे आ गए। तभी अचानक घर मिलने वाले एक पंडित जी आ गए। उन्होंने देखा मेरी इतनी हालत खराब है। कोई फायदा नहीं हो रहा है तब उन्होंने हमें देखा ओर कहा कि तुम्हे डाक्टर ठीक नहीं कर सकता। बताया कि आसाराम हमे मारने के लिए आटे से मेरे दिल के लिए तंत्र क्रिया कर रहा था। इसलिए उसके बाद वह सीधे बाला जी गए उसके बाद वह घर आ गए ओर उसके बाद से मेरी तबियत ठीक होती चली गई।

बड़ी खबरें

View All

शाहजहांपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग