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शाजापुर. अभी तक कॉलेज स्तर की वार्षिक प्रणाली की परीक्षाओं में जो उत्तर पुस्तिकाएं दी जाती थीं। उसमें सभी में रोल नंबर लिखे जाते थे, लेकिन यह पहली बार होगा जबकि उत्तर पुस्तिका के रोल नंबर तो विश्वविद्यालय के पास पहुंच जाएंगे और मूल्यांकनकर्ता जो उत्तर पुस्तिका की जांच करेंगे उसमें बारकोड के माध्यम से परीक्षार्थी का मिलान होगा। इस प्रक्रिया को लागू करने से कॉलेज के विद्यार्थियों को सामान्य परीक्षा में भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह सजगता बरतना होगी।
नया प्रारूप लागू किया
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने वार्षिक प्रणाली की परीक्षा (प्रथम और द्वितीय वर्ष) के लिए उत्तर पुस्तिकाओं में नया प्रारूप लागू किया है। उत्तर पुस्तिका पर लगे प्रथम पृष्ठ पर विद्यार्थियों को संपूर्ण जानकारी भरना होगी। जो किसी प्रतियोगी परीक्षा की तरह ओएमआर शीट के जैसी है। इसमें 1 से 11 तक की पूर्ति विद्यार्थियों को करना है। इसके लिए बॉल पाइंट पेन का प्रयोग करना अनिवार्य होगा। उत्तर पुस्तिका में कहीं भी गलत प्रविष्टि के बाद उसे सही करने की जगह नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों को उक्त उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ की जानकारियों को सावधानीपूर्वक ही भरना होगा। ताकि किसी प्रकार की गलती न हो। क्योंकि इसके लिए वे स्वयं ही जिम्मेदार होंगे।
40 पृष्ठ की रहेगी प्रत्येक उत्तर पुस्तिका
विवि की ओर से इस बार जो उत्तर पुस्तिकाएं वार्षिक परीक्षा प्रणाली के लिए भेजी गई है उसमें कुल 40 पृष्ठ होंगे। उत्तर पुस्तिका का सबसे प्रथम पृष्ठ ओएमआर शीट की तरह है। इसमें तीन फोल्ड है। इसमें से एक फोल्ड जिस पर संबंधित परीक्षार्थी अपने रोल नंबर लिखेगा उसे कॉलेज प्रबंधन अलग निकालकर विवि के पास पहुंचा देगा। शेष दो फोल्ड पर जो बारकोड अंकित है उसका मिलान करने के बाद ही परीक्षा परिणाम घोषित होगा।
पूरक उत्तरपुस्तिका नहीं मिलेगी
विवि की ओर जो नई उत्तर पुस्तिकाएं जारी की गई है उसे ही विद्यार्थियों को दिया जाएगा। परीक्षा में बैठने वाले सभी परीक्षार्थियों को इस एक ही उत्तर पुस्तिका में अपने प्रश्न-पत्र को हल करके जवाब लिखना होंगे। इस बार की वार्षिक प्रणाली की परीक्षा में परीक्षार्थियों को पूरक उत्तर पुस्तिका नहीं मिलेगी। ऐसे में एक ही उत्तर पुस्तिका में प्रश्न-पत्र हल करना अनिवार्य होगा। विवि की ओर जारी निर्देश में यह भी बताया गया कि इस परीक्षा में नई उत्तर पुस्तिका में परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र का नाम भी अनिवार्य रूप से लिखना होगा। साथ ही परीक्षा केंद्र क्रमांक भी लिखना जरूरी है।
बैठक आयोजित कर जारी किए निर्देश
विवि की ओर से जारी की गई नई उत्तर पुस्तिका को लेकर बुधवार को स्थानीय बीकेएसन कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसके मेहता ने एक बैठक आयोजित कर वीक्षकों को अनिवार्य हिदायतें दी। डॉ. मेहता कहा कि कॉलेज में परीक्षार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाए। ताकि विद्यार्थियों को इस नए प्रारुप की उत्तर पुस्तिकाओं को भरने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि कॉलेज की परंपरानुसार अनुशासित होकर बगैर चूक के परीक्षा संपन्न कराई जाए। साथ ही फोन से संबंधित सूचना बार-बार परीक्षार्थियों तक पहुंचाने की बात भी कही। डॉ. मेहता ने कहा कि इस प्रणाली से विद्यार्थी को भले ही प्रतियोगी परीक्षा की तरह सतर्कता और सजगता बरतनी होगी, लेकिन इससे पारदर्शिता की भी संभावना बढ़ेगी। क्योंकि उत्तर पुस्तिका में कॉलेज से जाने पर किसी का भी अनुक्रमांक अंकित नहीं मिलेगा। अंक प्रविष्टी 'बारकोड' के आधार पर ही होगी।
1 मार्च से शुरू होगी वार्षिक परीक्षाएं
विवि की ओर से जारी टाइम टेबल के अनुसार 1 मार्च से नवीन कॉलेज में भी वार्षिक प्रणाली की (प्रथम और द्वितीय वर्ष) परीक्षाओं की शुरुआत हो जाएगी। वार्षिक परीक्षा प्रणाली में सुबह 7-10 बजे तक विज्ञान संकाय, सुबह 11 से दोपहर 2 बजे कला संकाय और दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक वाणिज्य संकाय की परीक्षाएं आयोजित होंगी। नवीन कॉलेज प्रबंधन के अनुसार इस परीक्षा में इस कॉलेज के अतिरिक्त दयानंद कॉलेज, मो. बड़ोदिया कॉलेज और गुलाना कॉलेज के परीक्षार्थी भी शामिल होंगे। नवीन कॉलेज सहित अन्य सभी कॉलेज के परीक्षार्थी मिलाकर इनकी संख्या करीब 2 हजार 900 तक पहुंच रही है।
Published on:
28 Feb 2019 11:44 am
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