गौरतलब है कि जब भी चीलर डैम अपनी पूरी भराव क्षमता तक भर जाता है तो उस पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन इस बार जिला प्रशासन यहां पर सुरक्षा के उपाय करना भूल गया। तभी तो लोग चीलर डैम पर बनी छतरी तक पहुंचकर पानी के नजारे का लुत्फ ले रहे हैं। इसी तरह धल्डे पर भी बे-रोकटोक लोग अपने परिवार के साथ और अकेले पहुंचकर भी नहाने का मजा ले रहे हैं। जबकि धल्डे पर खतरा भी है। क्योंकि यहां पर कई बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसमें डूबने से जनहानि हो सकती है। वहीं धल्डे की दीवार के ठीक नीचे नुकीले पत्थर भी पड़े हुए हैं। जिससे किसी को भी चोट लग सकती है। अमूमन प्रशासनिक अमला यहां पर लाइफ गार्ड के साथ मौजूद रहता है, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके, लेकिन इस बार यहां पर लाइफ गार्ड भी मौजूद नहीं है। रोकटोक नहीं होने के कारण लोग इस क्षेत्र में जमकर अठखेलियां कर रहे हैं। गुरुवार को जन्माष्टमी के अवसर पर अवकाश होने से बड़ी संख्या में लोग चीलर डैम और धल्डे पर पहुंचे।