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चीलर डैम : खतरनाक है शाजापुर का यह पिकनिक स्पॉट

जिला प्रशासन ने अभी तक नहीं दिया चीलर डैम और वेस्ट वेयर पर सुरक्षा का ध्यान, बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे पिकनिक मनाने

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Shajapur Desk

Aug 26, 2016

shajapur chilar dam

shajapur chilar dam

शाजापुर. चीलर डैम के जिस वेस्टवेयर का चालू होने का इंतजार पूरे वर्ष शहरवासी करते हैं वो वेस्टवेयर चालू हो गया है। डैम की 23 फीट भराव क्षमता पूर्ण होने के बाद वेस्टवेयर से बहने वाले पानी के खूबसूरत नजारे का लुत्फ उठाने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी भी पहुंचने लगे हैं, लेकिन इस खूबसूरती के बीच खतरे की अशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। क्योंकि वेस्टवेयर (धल्डे) पर जरा भी चूक हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं दूसरी ओर अभी तक जिला प्रशासन ने चीलर डैम और धल्डे पर सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किए हैं।
गौरतलब है कि जब भी चीलर डैम अपनी पूरी भराव क्षमता तक भर जाता है तो उस पर सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, लेकिन इस बार जिला प्रशासन यहां पर सुरक्षा के उपाय करना भूल गया। तभी तो लोग चीलर डैम पर बनी छतरी तक पहुंचकर पानी के नजारे का लुत्फ ले रहे हैं। इसी तरह धल्डे पर भी बे-रोकटोक लोग अपने परिवार के साथ और अकेले पहुंचकर भी नहाने का मजा ले रहे हैं। जबकि धल्डे पर खतरा भी है। क्योंकि यहां पर कई बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसमें डूबने से जनहानि हो सकती है। वहीं धल्डे की दीवार के ठीक नीचे नुकीले पत्थर भी पड़े हुए हैं। जिससे किसी को भी चोट लग सकती है। अमूमन प्रशासनिक अमला यहां पर लाइफ गार्ड के साथ मौजूद रहता है, ताकि किसी भी स्थिति से तत्काल निपटा जा सके, लेकिन इस बार यहां पर लाइफ गार्ड भी मौजूद नहीं है। रोकटोक नहीं होने के कारण लोग इस क्षेत्र में जमकर अठखेलियां कर रहे हैं। गुरुवार को जन्माष्टमी के अवसर पर अवकाश होने से बड़ी संख्या में लोग चीलर डैम और धल्डे पर पहुंचे।
..इधर, महूपुरा रपट पर फिर आ गया पानी
जब भी चीलर डैम का वेस्टवेयर शुरू होता है तो उसका पानी बहकर सीधे नदी में आने लगता है। इस दौरान यदि महूपुरा रपट के चीरे (तीनों गेट) बंद रहते हैं तो पानी रपट के ऊपर से जाने लगता है। इधर, गुरुवार को धल्डा शुरू होने से चीलर नदी में पानी की आवक बन गई। वहीं महूपुरा रपट पर चीरे बहुत ही कम खुले होने से रपट पर तेज बहाव के साथ पानी आना शुरू हो गया। दोपहर से रपट से पानी धीरे-धीरे निकलना शुरू हुआ था। शाम तक इसका बहाव बढ़ गया।
पूर्व में हो चुके हैं कई हादसे
चीलर डैम और धल्डे पर पूर्व के वर्षों में अनेक बार हादसे हो चुके हैं। जिसमें कइयों की जान भी चली गई है। कुछ वर्ष पहले धल्डे से ही एक बालक पानी में बह गया था। जिसका शव कुछ दिनों बाद वाटर वक्र्स के समीप झाडिय़ों में मिला था। इसी तरह इसके पहले और बाद में भी लोगों के डैम में डूबने से मौत होने के मामले सामने आ चुके हैं। डैम की छतरी पर जाने में भी इस बार लोगों को कोई गुरेज नहीं है। क्योंकि यहां पर जाने-आने से रोकने के लिए डैम पर कोई जिम्मेदार नहीं है। इस छतरी से गिरने से भी पूर्व के वर्षों में कई लोगों की मौत हो गई थी।

चीलर डैम और धल्डे पर इस बार अभी तक गार्ड नहीं लगाए गए थे, जल्द ही वहां पर गार्ड के साथ सुरक्षा के साधनों की व्यवस्था की जाएगी।
- जी मुनिया, कंपनी कमांडर, होमगार्ड, शाजापुर

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