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शाजापुर. जर्जर हो चुके भवन से निजात दिलाने के लिए गल्र्स कॉलेज के नवीन भवन का निर्माण किला परिसर के अंदर किया गया। भवन पूरा भी बन गया और कॉलेज को हैंडओवर भी हो गया। कॉलेज प्रबंधन ने यहां पर कक्षाएं संचालित करना शुरू भी कर दी, लेकिन नए भवन में कॉलेज शुरू हुए 10 माह भी नहीं बीते और यहां पर भवन में दरारें दिखाई देने लग गई। कॉलेज में विभिन्न स्थानों पर छत से टपकते पानी ने कॉलेज भवन के कार्य की पोल खोलकर रख दी है। इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन ने निर्माण एजेंसी पीआइयू को शिकायत की। इसके बाद कंपनी ने कर्मचारियों को भेजकर मरम्मत कार्य कराया, लेकिन कई बार मरम्मत करने के बाद भी भवन की हालत खराब हो रही है।
बरसों पुराने भवन में संचालित हो रहे गल्र्स कॉलेज का भवन जर्जर हो चुका था। छत से पानी टपकने के साथ ही इसकी दीवारें भी खराब होने लगी थीं। ऐसे मेें लगातार मांग के बाद आखिर गल्र्स कॉलेज के नवीन भवन की मांग स्वीकृत हुई। इसके लिए किला परिसर के अंदर स्थित मैदान का चयन नए भवन बनाने के लिए किया गया। 11 मार्च 2015 को एक करोड़ 77 लाख 40 हजार रुपए की लागत से बनने वाले नवीन भवन के कार्य का भूमिपूजन किया गया। शुरुआती दौर में तेज गति से कार्यचलने के बाद राशि अटकने से इसका काम लंबे समय तक बंद रहा। बार-बार कॉलेज प्रबंधन ने वरिष्ठ स्तर पर पत्र व्यवहार करके राशि दिलवाने की मांग की ताकि जल्द से जल्द भवन निर्माण पूर्ण हो सके। इसके बाद भी करीब 3 साल का समय भवन के निर्माण में लग गया। कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार हुआ और इसी साल 24 फरवरी को भवन का लोकार्पण किया गया।
छत से पानी रिसने पर की मरम्मत
नवीन भवन मिलने के बाद पुराने भवन को छोड़कर कॉलेज नए भवन में संचालित होने लगा। अभी भवन का लोकार्पण हुए 10 माह भी नहीं बीते इसके पहले ही भवन के अधिकांश कक्षों में दीवारों पर दरारें आ गई है। भवन में जगह-जगह पर छत से पानी टपकना शुरू हो गया। बारिश के मौसम में तो परेशानी आई, लेकिन अब छत से निकाली गई पाइप लाइन में भी लीकेज होने के कारण पानी टपकने लगा। कॉलेज प्रबंधन ने इस संबंध में निर्माण एजेंसी पीआइयू को शिकायत की। इसके बाद कर्मचारियों ने यहां पर आकर मरम्मत कर दी।
सुविधाघर की मरम्मत की
भवन की छत के साथ ही यहां पर बनाएं गए शौचालयों में लगी टाइल्स भी उखडऩे लग गई। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन जब भी शिकायत करता तो पीआइयू की ओर से कर्मचारियों को भेजकर मरम्मत का कार्यकरवा दिया जाता है। दीवारों पर जहां-जहां ज्यादा दरारें दिखाई दे रही थी वहां पर रंग करके दरारों को ढंकने का कार्यभी किया गया। हालांकि भवन के सभी कक्षों में दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही है।
सेनेटरी वर्क व लाइट फिटिंग में भी गड़बड़ी
कॉलेज भवन में जगह-जगह दरारें आने की परेशानी के साथ ही यहां पर की गई लाइट फिटिंग और सेनेटरी वर्क में भी खासी गड़बड़ी सामने आ रही है। कॉलेज भवन में लाइट फिटिंग का कार्य व्यवस्थित नहीं हुआ है। वहीं यहां पर सेनेटरी वर्क जिसमें पाइप लाइन डाली गई है वो अच्छी नहीं हुई। कुछ समय पहले छत पर डाली गई पाइप लाइन फूटने के कारण छत की खुदाई करके पाइप लाइन की मरम्मत की गई। इसके बाद उस पर सिमेंट कर दिया गया।
पीआइयू ने हमें भवन सौंप दिया, लेकिन हमने अभी पूर्णता प्रमाण-पत्र नहीं दिया है। भवन में कुछ समय पहले पाइप लाइन फूट गई थी। इसकी शिकायत की तो पीआइयू ने इसकी मरम्मत करवा दी। कई कक्षों में दरारें भी आ रही है। इसकी भी शिकायत की गईहै।
डॉ. शेरू बेग, प्रभारी प्राचार्य, गल्र्स डिग्री कॉलेज-शाजापुर

Published on:
16 Dec 2018 09:15 am
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