
आस्था की डोर से आसमान में लहराई खुशियों की पतंग
शाजापुर.
सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक लोगों की जुबां पर बस एक ही नाम था पतंग.. पतंग... और पतंग...। कोई डीजे की धुन पर दोस्तों के साथ तो परिजनों के साथ पतंगबाजी में अपना हूनर दिखा रहा था। ये नजारा शहर में मकर संक्रांति पर रहा। मंगलवार को मकर संक्रांति पर्व के अंतर्गत शहर में जमकर पतंगबाजी हुई। सुबह से ही उत्साह की डोर लिए लोगों ने खुशियों की पतंग से आकाश का अंतिम छोर नाप लिया। दिन भर चली आकाशीय जंग के दौरान सारा वातावरण काटा है... की आवाज से गूंजता रहा। वहीं इन सब के बीच दिनभर दानपुण्य का दौर भी चलता रहा। हालांकि शहर में आज बुधवार को भी मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा।
मंगलवार को सुबह छत पर पहुंचते ही पिछले दो-तीन दिनों से तैयारी कर रहे लोगों की तो जैसे बांछे खिल उठी। दोस्तों और परिवार के साथ पतंगबाजी में हर किसी ने आजमाईश की। बस फिर क्या था, शुरु हो गया डोर और पतंग के साथ आसमान में कलाबाजी दिखाने का दौर। आदर्श वातावरण के बीच पतंगबाजी को लेकर जो उत्साह बच्चों में था वो ही युवाओं में दिखाई दिया। साथ ही दोपहर को युवतियां और महिलाएं भी घर से कामकाज निपटाकर छत पर नजर आई। शहर भर में छतों से डीजे की धुन के बीच काटा है की आवाज सुनाई दे रही थी। पतंगबाजी का दौर सुबह से शुरू हुआ तो देर शाम तक चलता रहा।
बस स्टैंड पर गायों को खिलाया चारा
मकर संक्रांति पर्व के तहत बस स्टैंड पर गोवंशों को घास खिलाने की परंपरा है। मंगलवार को मकर संक्रांति के पर्व पर गौ-पूजन किया गया। साथ ही उन्हें तिल-गुड़ खिलाते हुए चारा भी खिलाया। बस स्टैंड पर में अनेकों गोवंश एकत्र हो गए। जिन्हें घास खिलाई गई। मकर संक्रांति को लेकर दान-पूण्य भी किया गया। दानपूण्य का यह दौर बुधवार को भी जारी रहेगा।
पतंग से किया राधा-कृष्ण का शृंगार
मकर संक्रांति के अवसर पर शहर के वजीरपुरा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में भगवान का आकर्षक शृंगार किया गया। यहां पर पूरे मंदिर को पतंगों से आकर्षक रूप से सजाया गया। रंग-बिरंगी और तरह-तरह की पतंगों से सजे मंदिर में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
Published on:
14 Jan 2020 09:42 pm
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