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जनसुविधाओं का अभाव बना बस संचालन में रोड़ा

ग्रामीण क्षेत्र की बसों का संचालन होना था यहां से, मुख्य बस स्टैंड से सभी बसों के संचालन में आती हैं दिक्कतें

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शाजापुर. यात्रियों व बस स्टॉप के लिए न बैठने के छाया हैं और न ही पानी की व्यवस्था। न तो उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हँै और न हीं सुचारु बसें। इतना ही नहीं यात्रियों के लिए प्रतीक्षालय भी नहीं है। जिम्मेदारों की अनदेखी और असुविधाओं की भरमार के कारण यात्रियों ने यहां आने से मुंह फेर लिया। लिहाजा नया बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा रहता है। इसके कारण मुख्य बस स्टैंड पर ही ग्रामीण क्षेत्रों को जाने वाली बसें संचालित होने लगी है। इस कारण यहां पर हरदम जाम बना रहता है।
करीब १० साल पहले तत्कालीन न्यायाधीश गंगाचरण दुबे ने देहात की बसों के संचालन के लिए बस स्टैंड परिसर के पास में ही गढ्डे को भर कर नया बस स्टैंड संचालित करने को कहा था। उस समय कुछ दिनों के लिए अंचल की बसों का संचालन यहां से होने लगा। शाजापुर मुख्य बस स्टैंड से प्रतिदिन लगभग ४०० बसों का संचालन एक ही स्टैंड से होता है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही बस स्टैंड के आसपास ठेले वाले और ऑटो वालों का भी जमावड़ा लगा रहता है।
इससे पूरे दिन बस परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति रहती है। यहां तक कि बसस्टैंड पर यात्रियों को छोडऩे वाले बाइक सवार भी आसानी से बस स्टैंड में प्रवेश नहीं कर पाते हैं।
यात्रियों की होती है फजीहत
बस स्टैंड परिसर में बसों के आने और जाने का अलग मार्ग है। बस स्टैंड परिसर से इंदौर, उज्जैन, देवास, सोनकच्छ, राजगढ़, व्यावरा, पचोर आदि के लिए बसों का आवागमन होता है। वहीं सामने से बेरछा, दुपाड़ा, सारंगपुर सहित अंचल की बसों का आवागमन होता है। दिन-प्रतिदिन वाहनों की बढ़ती संख्या बस स्टैंड परिसर में वाहनों के खड़े करने की जगह नहीं बचती। विभिन्न स्थानों से आने वाले यात्री जैसे ही बस स्टैंड में उतरते है और परिसर से बाहर निकलने की कोशिश करते हैं। उसी दौरान अगर कोई बस आ गई तो बस ड्राइवर इतना हार्न बजाता है। जिससे यात्री की फजीहत होती है।
नया बस स्टैंड में अब ये व्यवस्थाएं
नया बस स्टैंड में सालों से निजी ट्रैक्सी का कब्जा रहा है। नगर पालिका ने बस स्टैंड परिसर के साथ ही नया बस स्टैंड को भी आरसीसी से पूरी तरह तैयार किया है। जिससे निजी वाहन मालिक और टैक्सी संचालकों को पार्किंग के लिए सही स्थान मिल गया था। लेकिन गत दिनों ट्रैक्सियों को यहां खड़ा करने से मना कर दिया। अब यहां वेटिंग वाली बसें व मैजिक वाहन खड़े होते हैं। जबकि टैक्सियों को मेला प्रांगण में खड़ा किया जाता है।
जनसुविधाओं के नाम पर हाथ खाली
नय्या बस स्टैंड को देहात की बसों के संचालन के लिए तैयार किया गया था। लेकिन यहां व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। यहां न तो पीने के पानी की व्यवस्था और न टीन शेड है। बस संचालकों का कहना है ऐसे में देहात की बसों का संचालन यहां से कैसे करें। आने वाला मौसम गर्मी का है। कम से कम जिला प्रशासन प्राथमिक सुविधाएं तो यहां मुहैया कराएं।
नया बस स्टैंड में स्थित मोटर स्टेशन पर कोई सुविधा नहीं है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली बसों के मालिक वहां से बसों का संचालन करने को तैयार नहीं है। यहां न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न टीन शेड है। साथ सुविधाघर भी नहीं है। ऐसे में यात्रियों के साथ-साथ वाहन मालिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। - संतोष जोशी, बस स्टैंड प्रभारी
नया बस स्टैंड से बसों का संचालन नहीं होता, इसलिए यहां टीनशेड और पानी की पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। बसों का संचालन शुरू होगा तो ये व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।- भूपेंद्र कुमार दीक्षित, सीएमओ