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शुक्र तारा उदय होते ही बजने लगी खुशियों की शहनाई, १४ मार्च से फिर मलमास शुरू

डेढ़ माह पूर्व १४ दिसंबर २०१७ को मलमास लगने के साथ ही शुभ कार्यों पर रोक लगी हुई थी।

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शाजापुर. डेढ़ माह पूर्व १४ दिसंबर २०१७ को मलमास लगने के साथ ही शुभ कार्यों पर रोक लगी हुई थी। हर साल मकर संक्रांति के बाद सूर्य उत्तरायण होते ही शुभ कार्य और विवाह मुहूर्तों की शुरुआत हो जाती है। लेकिन इस बार वर्ष २०१८ में ऐसा नहीं हो पाया, क्योंकि विवाह के लिए कारक माना जाने वाला शुक्र तारा भी अस्त हो चुका था।
अब डेढ़ माह बाद ३ फरवरी से शुक्र तारा उदित हो चुका है। इसके साथ ही शादी की शहनाइयां गूंजने लगी हैं। लेकिन विवाह के लिए शुभ तिथियां यजमानों को सिर्फ २० दिन ही उपलब्ध रहेंगे। २३ फरवरी से होलाष्टक शुरू होने से विवाह पर विराम लग जाएगा।
इसके अलावा १४ मार्च से भी मीन मलमास लग रहा है। तिथि गणना के अनुसार १४ मार्च से १४ अपै्रल तक मीन मलमास रहेगा। मीन मलमास में सूर्य मलीन अवस्था में माना जाता है। इसके चलते एक माह तक फिर विवाह मुहूर्त नहीं है। फिलहाल शहर में आगामी दो सप्ताह में ही विवाह संस्कार को संपन्न कराए जाने की तैयारी चल रही है।

ज्योतिषाचार्य पं. रमेशचंद्र रावल के अनुसार शास्त्रों में गुरु व शुक्र को ग्रह तारा माना गया है।जब गुरु व शुक्र तारा अस्त होता है तो किसी भी तरह के शुभ कार्य करने की मनाही होती है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को भोगविलास और दाम्पत्य जीवन का स्थिर कारक माना गया है।
ज्योतिष के अनसार यदि शुक्र के अस्त होने पर विवाह किया जाए तो पति-पत्नी का दांपत्य जीवन मधुर नहीं होता। दंपत्ति का जीवन कलहपूर्ण होता है।

शुक्र और गुरु दोनों हों उदित
पंडित रावल के अनुसार शुक्र तारा भोग, विलास का कारण होने के कारण दाम्पत्य जीवन में सुख प्रदान करने वाला होता है। इसी तरह गुरु कन्या के लिए पतिकारक होता है। आकाश मंडल में जब दोनों तारा, ग्रह उदित अवस्था में हो तभी विवाह करना चाहिए। होली के आठ दिन पहले से शुभ कार्य नहीं करने की मान्यता के चलते २३ फरवरी से होलाष्टक शुरू हो जा जाएगा। होलाष्टक शुरू होने से लेकर होली तक शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे।

इस साल बाकी हैं ४१ मुहूर्त
वर्ष २०१८ में फरवरी से लेकर दिसंबर तक शादी-ब्याह के लिए कुल ४५ मुहूर्त ही श्रेष्ठ है। ४ मुहूर्त निकल चुके है, अब ४१ मुहूर्त शेष हैं। सबसे ज्याद ९ मुहूर्त जून महीने में पड़ रहा है। अगस्त से नवंबर तक कोई मुहूर्त नहीं है। जुलाई माह में चातुर्मास शुरू होगा जो नवंबर तक चलेगा। चातुर्मास के चार माह में विवाह मुर्हूत नहीं है।
ये हैं शुभ मुहूर्त

माह मुहूर्त
फरवरी १८
मार्च ३, ५, ७, ८, १२
अपै्रल १८, १९, २०, २४, २५, २७, २९
मई १, ३, ५, ६, ९, ११, १२
जून १७, १८, १९, २०, २१, २२, २५, २७, २३
जुलाई २, ३, ५, ६, १०, ११, १५
दिसंबर १०, ११, १३, १४, १५

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