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अब इन किन्नरों को मिलेगी सैलरी, जज की अनूठी पहल पर मिली नौकरी

MP News: शाजापुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी की पहल पर दो किन्नरों को मिली नौकरी, अब ट्रेनिंग की तैयारी, फिर हर महीने खाते में आएगी सैलरी...

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MP News: प्रतिकात्मक फोटो(फोटो: सोशल मीडिया)

MP News: समाज में अक्सर हाशिए पर रहने वाले किन्नर न्यायिक व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे। शाजापुर के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी की पहल पर दो किन्नरों को पैरालीगल वॉलेंटियर बनाया है। उन्हें ट्रेनिंग देकर विभिन्न कार्यों में शामिल किया जाएगा। मानदेय मिलेगा। जज तिवारी ने कहा, कोर्ट सिर्फ मुकदमों के निपटारा करने का स्थान नहीं है। यह सामाजिक समरसता और सभी वर्गों को न्याय दिलाने का माध्यम है। थर्ड जेंडर को भी प्रशासनिक सुविधाएं व विधिक योजना का लाभ मिलना चाहिए।

दो घंटे चैंबर में बैठाकर सुना दर्द

दोनों किन्नरों को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने चैंबर में बुलाया। दो घंटे तक उनका दर्द सुना। किन्नरों ने बताया, वे कहीं पर काम नहीं कर पाते। कोई उन्हें काम नहीं देता है। मांगकर ही गुजारा करना पड़ता है। आय का प्रूफ नहीं, इसलिए कोई फाइनेंस नहीं करता। दूसरों के नाम से ही फाइनेंस कराना पड़ता है।

किन्नरों को फाइनेंस नहीं करती.. और भी दिक्कतें, यह जान जज ने की पहल

शाजापुर में पिछले दिनों लोक अदालत में बेरछा का वाहन चोरी का मामला आया था। बेरछा की फरियादी किन्नर राधिका एवं महक ने थाने में वाहन चोरी की रिपोर्ट लिखाई थी। 13 सितंबर को लोक अदालत में फरियादी के साथ किन्नर समाज के अन्य सदस्य गवाही के लिए पहुंचे। अधिवक्ता सईद पठान के समझाने पर दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया। जिला जज ने किन्नरों से पूछा- वाहन उनके नाम पर क्यों नहीं है? दोनों ने बताया, उन्हें बैंक फाइनेंस नहीं करती, क्योंकि आजीविका चलाने के लिए मांगने का काम है। ऐसे में जिला जज ने दोनों किन्नरों को मुख्यधारा से जोड़ने का निर्णय लिया।