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जिले में किसान आंदोलन बेअसर

मंडी में बेचने 1500 क्विंटल प्याज लेकर पहुंचे किसान

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Farmers angry with closing down

शाजापुर.

1 जून से प्रस्तावित जिस किसान आंदोलन को लेकर जिला प्रशासन से लेकर लगभग हर वर्ग चिंता में नजर आ रहा था उस किसान आंदोलन का शहर सहित जिले में कोई प्रभाव नहीं दिखाई दे रहा है। रविवार को ही टंकी चौराहा स्थित थोक सब्जी मंडी में सामान्य स्थिति दिखाई दी। यहां पर करीब 1500 क्विंटल प्याज का विक्रय करने के लिए किसान पहुंचे। हालांकि शनिवार को अवकाश और इसके पहले शुक्रवार को आवक कम रही थी, लेकिन अब आवक बढ़ती जा रही है।

दरअसल किसान आंदोलन के चलते गत वर्ष शाजापुर में काफी तनाव हो गया था। ऐसे में इस बार जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। जिले के आला अधिकारियों सहित अन्य ने गांव-गांव जाकर किसानों से चर्चा की। किसानों को किसी भी तरह के प्रदर्शन न करनें और किसी भी प्रदर्शन में शामिल न होने की सलाह दी गई। इसका लाभ यह हुआ कि 1 जून से शुरू हुए किसान आंदोलन का शहर में अभी तक कोई असर दिखाई नहीं दिया। सभी जगह शांतिपूर्ण वातावरण बना हुआ है। दूध, सब्जी सहित अन्य सामग्री आमदिनों के मूल्य पर ही आसानी से सभी को उपलब्ध हो रही है। थोक सब्जी मंडी में किसान आंदोलन के पहले दिन काफी कम संख्या में किसान पहुंचे थे। ऐसें में यहां पर महज 200-300 क्विंटल प्याज की आवक ही हुई थी, लेकिन रविवार को यहां हालात सामान्य दिखाई दिए। ट्रेक्टर-ट्रॉली सहित अन्य वाहनों में प्याज-लहसून भरकर किसान विक्रय के लिए मंडी में पहुंचे। रविवार को ही करीब 1500 क्विंटल की आवक हुई। वहीं आगामी दिनों में आवक बढऩे की संभावना भी जताई जा रही है।

1 से 9.50 रुपए प्रतिकिलो तक बिका प्याज
टंकी चौराहा स्थित थोक सब्जी मंडी में किसान आंदोलन के पहले तक प्रतिदिन 7-8 हजार क्विंटल की आवक हो रही थी। इसके बाद शुक्रवार को यहां आवक कम रही, लेकिन रविवार को फिर से आवक बढ़ गई। रविवार को मंडी में पहुंचे करीब 1500 क्विंटल प्याज का मूल्य 1 रुपए से लेकर 9 रुपए 50 पैसे तक रहा। मंडी के अधिकारियों की माने तो मंडी में आने वाला कोई भी किसान गांव बंद आंदोलन को लेकर कोई चर्चा नहीं कर रहा है। सभी सामान्य दिनों की तरह ही अपनी उपज का विक्रय कर रहे है।

इनका कहना है
थोक सब्जी मंडी में पूर्व की अपेक्षा आकव कुछ कम हुई है, लेकिन स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। किसान स्वयं अपनी उपज बेचने के लिए मंडी में पहुंच रहा है।
- डीसी राजपूत, सचिव, कृषि उपज मंडी-शाजापुर