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गांव बंद के समर्थन में उतरे PM मोदी के संसदीय क्षेत्र के किसान, बाजार तक सब्जी, फल नहीं ले जाने का ऐलान

9 जून को मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर से प्रभावित चारों गांव व 10 जून को रिंग रोड फेज 2 लोहरापुर से रखौना तक 27 गांवों के किसान निकालेंगे संकल्प मार्च।

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गांव बंद आंदोलन के समर्थन में वाराणसी के किसान

गांव बंद आंदोलन के समर्थन में वाराणसी के किसान

वाराणसी. उपज के लाभकारी मूल्य व कर्ज माफी की मांग को लेकर सात राज्यों के किसानों के गांव बंद के समर्थन में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के किसान भी उतर आए। हरदासपुर, गंगापुर में जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही ऐलान किया कि वे यूपी, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसानों के समर्थन में अपनी सब्जी और फल मार्केट में नहीं ले जाएंगे। वाराणसी में रिंग रोड फेज 2 और मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर योजना से प्रभावित किसानों ने सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चिलचिलाती धूप में किसान पंचायत का आयोजन किया। उनन्होंने "गांव बंद" किसान आंदोलन की मुहिम को व्यापक बनाने पर आम सहमति जताई।

किसान पंचायत की अध्यक्षता करते हुए किसान नेता विनय शंकर राय "मुन्ना" ने कहा कि, भाजपा ने लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव के दौरान लंबे-लंबे वादे कर किसानों के मत से सरकार बनाई पर सरकार बनते ही पूंजीपतियों की गोद में जाकर किसानों के हक पर डाका डालने में जुट गए। मोदी सरकार बनते ही किसानों के व्यापक हित, हक के लिए बना भूमि अधिग्रहण एवं पुनर्वास कानून 2013 को कमजोर करने के लिए अमादा हो गयी थी, तीन बार कैबिनेट की संस्तुति कर किसान हितों के लिए बने उक्त कानून को संशोधन करने के लिए विधेयक लाकर अपनी किसान विरोधी नीयत को सिद्ध कर दिया जिसको राहुल गांधी के साथ पूरा विपक्ष जब किसानों के साथ एकजुट होकर सड़क से सदन तक संघर्ष किया तब मोदी सरकार को झुकना पड़ा और भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को पुन: बहाल करना पड़ा। राय ने कहा कि, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के वादे के बाद सरकार बनाने वाले आज पाकिस्तान से चीनी मंगा रहे हैं और किसानों को गन्ना नहीं बोने का सलाह दे रहे हैं। किसानों की समस्याओं पर असंवेदनशील भाषा का लगातार प्रयोग कर रहे हैं, सरकार किसानों की आय दोगुना करने का बार बार कोरा बयान दे रही हैं जबकि सरकारी क्रय केन्द्रों पर किसानों की उपज का खरीद की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से किसान व्यापारियों के हाथों शोषित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानी आज लाचारी बन गई है, किसान अपने बेटे को चपरासी की नौकरी लगवाने के लिए सबकुछ दांव पर लगा दे रहा है लेकिन अपने बेटे को किसान नहीं बनने देता चाहता है क्योंकि किसानी से लागत भी किसान नहीं निकाल पा रहा है।

पंचायत में सर्वसम्मति से फैसला हुआ कि 9 जून को ट्रान्सपोर्ट नगर के किसान कन्नाडाड़ी से मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर योजना भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के आधार पर रद्द करने के लिए कन्नाडाड़ी, बैरवन मिल्कीचक होते हुए मोहनसराय में संकल्प मार्च निकालकर मोहनसराय में करेंगें संकल्प सभा और 10 जून को रिंग रोड से प्रभावित किसान लोहरापुर से रखौना तक संकल्प मार्च करेंगें बीच में दोपहर में हरदासपुर में करेंगें किसान सभा। किसान पंचायत में किसानों के व्यापक हितों हेतु चलाये जा रहे "गांव बन्द" किसान आंदोलन में रिंग रोड फेज 2 एवं ट्रान्सपोर्ट नगर के अलावा अन्य किसान संगठनों एवं किसान प्रेमियों के प्रतिनिधियों को आंदोलन से जोड़ने के लिए गांव गांव निकाली जाएगी प्रभात फेरी। इसके संयोजन की जिम्मेदारी आम आदमी के पूर्वांचल किसान सभा के अध्यक्ष योगी राज पटेल एवं सामाजिक कार्यकर्ता पवन पांडेय को सौंपी गई।


पंचायत में राजेश सिंह, मेवा पटेल, प्रेम गुप्ता, राम सागर सिंह, आनन्द सिंह, नरायणी सिंह, शैलेश श्रीवास्तव,रामजी सिंह रामाश्रय सिंह, रवि कुमार, बच्चे लाल,विजय गुप्ता, राजनाथ पटेल, शोभनाथ पटेल, विरेन्द्र कुमार, दिवाकर पटेल, शिवपूजन सिंह, सूरज नरायण सिंह, जवाहिर सिंह, मनोज सिंह,लालबहादुर सिंह, मनीष कुमार सिंह, लालबहादुर सिंह, कल्लू राजभर ,आशीष सिंह, अरूण सिंह सहित इत्यादि शामिल थे। अध्यक्षता किसान खेत मजदूर कांग्रेस के प्रदेश संयोजक विनय शंकर राय "मुन्ना" ने की जबकि संचालन योगीराज पटेल ने। पवन पांडेय ने आभार जताया।