जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए परेशान हो रही महिलाओं ने बताया कि वे अपने गांव से रोजाना सिर्फ सोनोग्राफी के लिए आती हैं, क्योंकि उनका यहां नंबर लगा हुआ है। महिलाओं ने अपने पर्चें भी दिखाए, जिस पर तारीख और उनका नंबर लिखा हुआ है। इसमें किसी का एक माह पहले का नंबर है तो किसी का 15 दिन पहले का तो कोई दो सप्ताह पहले से अपने नंबर के इंतजार में हर दिन पैसे खर्च कर यहां पहुंच रही हैं, लेकिन उनकी सोनोग्राफी नहीं की जा रही