13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी के शामली में औद्योगिक संकट, 12 हजार मजदूरों का छिन सकता है रोजगार !

एक जनवरी 2023 से NCR क्षेत्र में कोयले के ईंधन पर प्रतिबंधित लग गया है। इससे शामली में कोयले से चलने वाले उद्योग बंदी की कगार पर हैं। ऐसा हुआ तो यहां 12 हजार से अधिक लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।

2 min read
Google source verification
shamli_rim.jpg

शामली रिम इंडस्ट्री का प्रतीकात्मक फोटो

शामली में बग्गी से लेकर हवाई जहाज तक रिम बनते हैं। इन उद्योगों को कोयले से चलाया जाता है। इन उद्योगों में हजारों की संख्या में मजदूर काम करते हैं। अब इन उद्योगों मे कोयले को ईंधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इससे ये उद्योग बंदी की कगार पर हैं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन फैक्ट्रियों पर लगाया ताला
दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में अब उद्योग सिर्फ CNG, PNG और बायोमास फ्यूल को ही ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। इन आदेशों के अनुपालन में शामली में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एक जनवरी से अब तक शामली में आदिनाथ और जेके इंडस्ट्री समेत तीन इकाइयों को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से अन्य उद्यमी भी डरे हुए हैं और वैकल्पिक ईंधन से उद्योग चलाने की व्यवस्था देख रहे हैं।


उद्यमी बोले-शामली से करना पड़ेगा पलायन
केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन के इन आदेशों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई के बाद उद्यमी सकते में हैं। शामली इंडस्ट्रियल स्टेट एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन ( साइमा ) और लघु उद्योग भारती के जिला अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि ऐसे में पलायन मजबूरी हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रिम और धुरे की इकाइयों में काफी इंधन लगता है। बायोमास फ्यूल अभी काफी महंगा है। ऐसे में इकाइयों को चलाना बड़ा मुश्किल हो जाएगा।

यह भी पढ़ें: पहले पिता का मान रखने को रचाया निकाह, अब पत्नी का रंग सांवला बताकर दे रहा तलाक

संस्था के महासचिव अमित जैन का कहना है कि इससे लागत बढ़ेगी। बाजार में पहले से काफी प्रतिस्पर्धा है ऐसे में बाजार में टिकना मुश्किल हो जाएगा। साइमा पदाधिकारियों के अनुसार अब उद्यमी के पास दो ही विकल्प बचे हैं या तो वो अपनी इकाईयों को बंद कर दें या फिर शामली से पलायन कर जाएं। दोनों ही स्थिति में शामली के 12,000 से अधिक मजदूरों पर इसका असर पड़ेगा।