
Video: इस विश्वविख्यात मौलाना की नमाज-ए-जनाजा में उमड़ी लाखों की भीड़, लोगों बोले- काश मौत हो तो ऐसी
शामली. देशभर में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल को लेकर विश्वविख्यात शामली के कस्बा कांधला निवासी मौलाना हजरत इस्ताखार उल हसन साहब का कल देर शाम इंतकाल हो गया था। उन्होंने करीब 100 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। जैसे ही उनके इंतकाल की खबर लोगों को मिली तो अंतिम झलक पाने के लिए उनके निवास स्थान पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
सोमवार सुबह उनके शव को कांधला ईदगाह स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान उनकी अंतिम यात्रा में सांसद आजम खान समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के साथ लाखों की संख्या में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। हजरत की नमाज-ए-जनाजा दिल्ली से आए मौलाना साद साहब ने पढ़ाई।
जानकारी के अनुसार, शामली जिले के कस्बा कांधला निवासी मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना इस्ताखार उल हसन साहब का गत दिवस रविवार शाम करीब 6:00 बजे इंतकाल हो गया था। हजरत के इंतकाल की सूचना मिलते ही उनके निवास स्थान पर कस्बे, जिला व प्रदेश से लोगों का तांता लगना शुरू हो गया था।
सोमवार को हजरत के जनाजे को उनके पैतृक कब्रिस्तान ईदगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया। इस दौरान हजरत की अंतिम यात्रा में देश-प्रदेश सहित आसपास के क्षेत्र से लाखों की तादाद में भीड़ ने पहुंचकर जनाजे की नमाज अदा कर उनकी मगफिरत की दुआ की।
इस दौरान उनके नमाज-ए-जनाजा में दिल्ली से आए जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी, दिल्ली हजरत निजामुद्दीन के जिम्मेदार मौलाना शाद साहब, रामपुर सांसद सपा नेता आजम खान, क्षेत्रीय विधायक तेजेंद्र निर्वाल, एसपी शामली अजय कुमार, कांधला नगर पालिका परिषद चेयरमैन हाजी वाजिद हसन, एसडीएम कैराना अमित पाल शर्मा, सीओ कैराना राजेश कुमार तिवारी, थाना प्रभारी निरीक्षक डीके त्यागी, पूर्व सांसद मेरठ हाजी शाहिद अखलाक आदि शामिल हुए।
सभी ने हजरत साहब को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।
UP News से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Uttar Pradesh Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..
Updated on:
03 Jun 2019 07:11 pm
Published on:
03 Jun 2019 07:09 pm
बड़ी खबरें
View Allशामली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
