
पत्रकार अमित मोहन की मौत के बाद शामली के पत्रकारों ने योगी आदित्यनाथ को उनकी मदद के लिए चिट्ठी लिखी है।
Shamli News: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक पत्रकार को डॉक्टर ने इसलिए नहीं देखा क्योंकि वो पूरी फीस नहीं जमा कर सके। पत्रकार की जेब में 900 रुपए थे जबकि डॉक्टर की फीस एक हजार रुपए थी। ऐसे में स्टाफ ने उनका पर्चा नहीं बनाया। करीब आधे घंटे वो गेट पर पड़े रहे और उनकी जान चली गई।
सफाई करते हुए बिगड़ी तबीयत
स्थानीय अखबार जनवाणी के मुताबिक, शामली की कमला कॉलोनी में रहने वाले अमित मोहन पत्रकार हैं। शुक्रवार सुबह वो अपने ऑफिस में सफाई कर रहे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनको उल्टी हुई तो उन्होंने पड़ोसी संजय को आवाज देकर डॉक्टर खुर्शीद के पास चलने को कहा। डॉक्टर खुर्शीद के यहां जाने पर पता चला कि वो शहर के बाहर हैं। इसके बाद संजय उनको लेकर डॉक्टर मुकेश के यहां गए।
मुकेश के यहां जाने पर उन्होंने इमरजेंसी बताई तो एक हजार रुपए का पर्चा बनवाने को कहा। मुकेश और संजय दोनों ही पर्स साथ में नहीं लाए थे। ऐसे में उनकी जेब में 900 रुपए निकले। उन्होंने स्टाफ से 100 रुपए बाद में लेने की बात कहकर पर्चा बना देने को कहा। स्टाफ ने पहले 100 रुपए देने को कहा। यही सब करीब आधा घंटा चलता रहा और अमित की तबीयत बिगड़ती रही। इसके बाद मुकेश ने आकर उनको देखने की बात कही लेकिन तब तक अमित की जान जा चुकी थी। अमित को डॉक्टर के यहां ले गए संजय का कहना है कि डॉक्टर मुकेश ने जो किया वो इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। अगर खुर्शीद शहर में होते तो अमित की जान बच गई होती।
डॉक्टर ने कहा- फीस मांगना अपराध कब से हो गया
वहीं डॉक्टर मुकेश का कहना है कि फीस मांगना कोई अपराध नहीं है। स्टाफ ने फीस मांगी जरूर लेकिन 100 रुपए के लिए इलाज में देर नगहीं की गई। सच्चाई ये है कि जब मरीज को लाया गया, उसकी मौत हो चुकी थी।
Published on:
20 May 2023 08:48 pm
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