
राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो यात्रा' पूर्वी उत्तर प्रदेश में नहीं घुसी, लेकिन वहां के नेताओं के नाम 'भारत जोड़ो यात्रा' में शामिल हैं। जहां से 'भारत जोड़ो यात्रा' निकली वहीं के नताओं को भाव नहीं मिला।
हरियाणा में प्रवेश की 'भारत जोड़ो यात्रा'
तीन दिन के बाद 'भारत जोड़ो यात्रा' यात्रा हरियाणा में प्रवेश कर गई। यूपी से कश्मीर तक 200 यात्रियों में से मात्र 23 कांग्रेसी यूपी से हैं, जिसमें पूर्वांचल, मध्यांचल और अवध क्षेत्रों के जिलों का प्रतिनिधित्व है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं के नाम गायब हैं।
गुरुवार को कैराना के ऊंचगांव में पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने यूपी की तवज्जो साबित करने के लिए यूपी के 23 लोगों का परिचय कराया, जिसमें पश्चिमी यूपी से कोई नाम शामिल नहीं है। ऐसे में तमाम सवाल भी उठते हैं।
कांग्रेस को क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कोई मजबूत चेहरा नहीं दिखा? क्या पश्चिमी यूपी में राहुल गांधी 'भारत जोड़ो यात्रा' करना ही पर्याप्त है। जबकि वर्तमान राजनीति की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे महत्वपूर्ण है। पश्चिमी यूपी के गौरव भाटी, सचिन चौधरी और कांग्रेस प्रदेश सचिव सचिन त्रिवेदी सहित तमाम नेता हैं।
उत्तर प्रदेश से चुने गए 'भारत जोड़ो यात्रा' के यात्री
जौनपुर से आरिफ, बलिया से शाहनाज आलम, बनारस से राहुल राजभर, बबलू बिंद केवट और राजेंद्र प्रसाद, अमेठी से रामबरन कश्यप, कानपुर से प्रतिभा अलट पाल, देवरिया से केशव चंद्र यादव, कौशांबी से शेष नारायण ओझा, हरदोई से गोपाल तिवारी, बस्ती से बृजेश आर्य, प्रयागराज से जितेंद्र पटेल, गोरखपुर से देवेंद्र निषाद, हाथरस से मथुरा प्रसाद कुशवाह, कानपुर से लक्ष्मी नारायण दीक्षित, प्रयागराज से अक्षय यादव क्रांतिवीर, सोनभद्र से सौरभ पाल, लखनऊ से शाहनवाज मंगल, बलिया से धीरेंद्र आनंद मिश्र, मथुरा से केके शास्त्री और हाथरास से शिवाकांत तिवारी सहित 23 लोग शामिल हैं।
Published on:
06 Jan 2023 12:40 pm
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