
जिले में 12 झरने और 30 खोह बनेंगे पर्यटन के नए स्पॉट
श्योपुर. जिले में 56 फीसदी भू-भाग में फैले जंगल में प्राकृतिक पर्यटन की अपार संभावना होने के बाद भी कई ऐसे पर्यटन स्थल और पिकनिक स्पॉट हैं जो गुमनामी में है। यही वजह है कि अब जिला पर्यटन एवं पुरातत्व परिषद ने श्योपुर जिले के जंगलों में स्थित 12 झरने और 30 खोह व गुफाएं चिह्नित की हैं, जो पर्यटन के नए स्पॉट बन सकते हैं।
इसी के तहत जिले की पर्यटन कार्ययोजना के तहत जिला पर्यटन एवं पुरातत्व परिषद ने मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड को प्रस्ताव भेजे हैं, जिनमें इन 12 झरनों और 30 खोह को भी शामिल किया गया है। मानसूनी सीजन में ये झरने और खोह अपने प्राकृतिक सौंदर्य के चलते अद्वितीय नजर आती हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश के बारे में न केवल बाहरी पर्यटकों बल्कि जिले के लोगों को भी जानकारी नहीं है। यही कारण है कि जिला पर्यटन परिषद ने इन पर्यटन स्थलों को चिह्नित कर अपनी कार्ययोजना में शामिल किया है। ताकि इन स्थलों को न केवल जिले बल्कि प्रदेश में पहचान मिले और पर्यटकों की आवाजाही यहां शुरू हो सके। इस संबंध में जिला पर्यटन एवं पुरातत्व परिषद के नोडल अधिकारी रूपेश उपाध्याय का कहना है कि जिले की पर्यटन की कार्ययोजना में जिले के जंगल क्षेत्र के प्राकृतिक झरने और खोह व गुफाओं को भी बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
ये है जिले के जंगल में झरने
जिले में 12 झरने चिह्नित किए गए हैं, इनमें भोलेश्वर नाला झरना, महादेव घाटी, छोलिया खो, पडरोनिया, हिडोले का झरना, कुडले का झरना, मोहरी खो, आमखो का झरना, बडख़ोरा का झरना, सुनाई का झरना, गोलार का झरना और दुक्षेण का झरना शामिल हैं।
ये है जिले के जंगल में खोह और गुफा
श्योपुर जिले के जंगलों में पर्यटन एवं पुरातत्व परिषद ने जो खोह और गुफाएं चिह्नित की है, उनमें मोरावन पूर्व और पश्चिम परिक्षेत्र में भंवर खोह, तेंदुआ खेाह, आमझिरी खेाह, सेई खोह, देव खोह, केर खोह, भालू खोह, बांसरिया खेाह, मरी खोह, गंजन खोह, पालपुर पश्चिम परिक्षेत्र में केर खोह, भालू की खोह, जरक खोह, तेंदुआ खोह, लंका खोह, गिद्ध छाज खोह, लोमड़ी की गुफा, सेई,तेंदुआ की गुफा, अगरा पश्चिमी क्षेत्र में रानी कोर खोह, धोरेट खोह, चूली खोह, भालू खोह, मुनिहारी खोह, सिद्ध खोह, अगरा पूर्व में भालू खोह, सेई खोह, सिरोनी दक्षिण में डोब कुंड के पास बड़ी पारम नदी की गुफा, पालपुर पूर्व में भालू की गुफा, टोगरा की गुफा, लोमड़ी की गुफा, पारोंद नाला के पास आम खो शामिल है।
Published on:
17 Jul 2020 10:46 pm

