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जिले में 30 गांव संवेदनशील, सूंडी और सांड में 24 घंटे तैनात रहेगा बाढ़ राहत दल

प्रशासन ने बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन के तहत बनाया एक्शन प्लान, गंभीर स्थिति का आकलन करने सेना की टीम ने भी किया सर्वे

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बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर कलेक्टर से चर्चा करते आर्मी के अफसर।

श्योपुर. आगामी मानसून में जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिकूल स्थितियों से निपटने और आपदा प्रबंधन की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन ने एक्शन प्लान बना लिया है, जिसके तहत जिले में 30 गांव बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील चिह्नित किए गए हैं, जिन पर लगातार नजर रखी जाएगी, साथ ही अतिसंवेदनशील सांड और सूंडी सहित तीन स्थानों पर 24 घंटे बाढ़ राहत दल तैनात रहेगा। यही नहीं बाढ़ आपदा के दौरान गंभीर स्थितियोंं का आकलन करने के लिए सेना की टीम ने जिले का दौरा कर सर्वे किया और कलेक्टर से जिले को लेकर चर्चा की।
जिले में चंबल, पार्वती, कूनो, सीप और क्वारी सहित अन्य छोटी-बड़ी नदियां बारिश के दौरान कई इलाकों में बाढ़ का सबब बनती हैं। यही वजह जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन की तैयारियों में जुट गया है। इसी के तहत प्रशासन ने जिले में नदियों के साथ ही अन्य बांध व जलाशयों की बाढ़ की जद में आने वाले 30 गांव चिह्नित किए हैं। जहां बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला स्तर पर होमगार्ड की एक टीम तैनात की है, जिसमें 24 सदस्य शामिल रहेंगे, जो 8 -8 घंटे की ड्यूटी पर 24 घंटे तैनात रहेंगे। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन के तहत ही तीन क्रिटिकल क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं, जिनमें चंबल नदी के टापू पर बसा ग्राम सांड और पार्वती नदी के टापू पर बसा सूंडी गांव के साथ ही सेसईपुरा के निकट कूनो नदी का पुल शामिल है। जिला होमगार्ड श्योपुर के प्लाटून कमांडर प्रमोद डंडोतिया ने बताया कि इन तीनों स्थानों पर 24 घंटे टीमें तैनात रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ी तो हम आर्मी का भी सहयोग लेंगे। डंडोतिया ने बताया कि हमारे पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है, जिसमें फाइबर बोट, चप्पे वाली नाव, लाइफ जैकेट, लाइफ ट्यूब, रस्से आदि सामग्री शामिल हैं।
ये गांव है बाढ़ संभावित क्षेत्र
बाढ़ आपदा प्रबंधन क तैयारियों के मद्देजनर जिले में संभावित बाढ़ क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं, इनमें सूंडी और सांड के अलावा जलालपुरा झोंपड़ी, माखना खेड़ली, ईचनाखेड़ली, सामरसा, तलावदा, खेरघटा, बिलौनी, खिरखिरी, टोंगनी, आवनी, जवासा, बिचपुरी, दांतरदा, ज्वालापुरा, मानपुर, मेवाड़ा, माकड़ौद, धीरौली, सोंईकला, बड़ौदिया बिंदी, पहालड़ली, सुठारा, अर्रोदरी, सामंतापुरा, नदीगांव, दिमरछा, बिलौली, बरौली, रिझेंटा, जमूर्दी, आदि गांव शामिल हैं।
आर्मी की टीम ने आधा दर्जन पॉइंट देखे
जिले में मानसून के दौरान बाढ़ की क्या स्थिति रहती है, इसका जायजा लेने बबीना से आर्मी की एक टीम ने दो दिनों तक श्योपुर में सर्वे किया। आर्मी ऑफिसर दिवांग के ध्यानी के नेतृत्व में आई टीम ने खातौली पुल, सूंडी, कुहांजापुर स्थित सूरथागपुल, आवदा डैम, कूनो सेसईपुरा पुल, सांड आदि स्थानों पर पहुंचकर बाढ़ संभावित क्षेत्र देखे और कलेक्टर बसंत कुर्रे के साथ बैठकर जानकारी ली। बताया गया है कि आर्मी के ये अफसर अपनी रिपोर्ट वरिष्ठ स्तर पर देंगे। मानसून के दौरान यदि जरूरत पड़ी तो जिले में बाढ़-आपदा प्रबंधन के तहत रेस्क्यू के लिए सेना का हेलीकॉप्टर भी भेजा जाएगा।
वर्जन
बाढ़ आपदा प्रबंधन के तहत जिले में सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों की मॉनिटरिंग की जाएगी और इसके लिए संबंधितों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
बसंत कुर्रे, कलेक्टर, श्योपुर