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सब्जी मंडी में आग से 38 दुकानें खाक, एक करोड़ का नुकसान

बीती रात शहर की थोक फल व सब्जी मंडी में अचानक लगी आग ने मचाई तबाही, चार घंटे में पाया गया काबू, पीछे की आदिवासी बस्ती के लोग रात भर दहशत में रहे, प्रशासन ने किया प्रारंभिक नुकसान का आंकलन

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सब्जी मंडी में आग से 38 दुकानें खाक, एक करोड़ का नुकसान

सब्जी मंडी में आग से 38 दुकानें खाक, एक करोड़ का नुकसान

श्योपुर,
लॉकडाउन के संकट से जूझ रहे सब्जी व फल व्यापारियों का थोड़ा बहुत व्यवसाय भी आग ने खाक कर दिया। बीती रात शहर की थोक फल एवं सब्जी मंडी में लगी अचानक आग से 38 दुकानें जलकर खाक हो गई है। वहीं पीछे की आदिवासी बस्ती के 2 घर भी चपेट में आ गए है। इस अग्निकांड में एक करेाड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान बताया जा रहा है। आग इतनी भीषण थी कि श्योपुर और बड़ौदा की दमकल गाडिय़ों की मदद से अन्य उपायों से चार घंटे में काबू पाया जा सक।


शहर के पाली रोड पर संचालित थोक फल व सब्जी मंडी में मंगलवार की रात साढ़े 12 बजे के आसपास किसी दुकान में अचानक आग लग गई। आसपास के लोग समझ पाते उससे पहले ही आग बेकाबू हो गई। आसपास के लोगों ने व्यापारियों को सूचना दी, वहीं फायरब्रिगेड सहित पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। लेकिन जब तक दमकल गाडिय़ां पहुंची तब तक आग ने एक-एक कर सभी दुकानों को चपेट में ले लिया। दुकानों और गोदामों भारी मात्रा में फल, सब्जी सहित प्लास्टिक के कैरेट, हाथ ठेले सहित कई सामान रखे थे, जो आग में खाक हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी भयंकर थी कि श्योपुर और बड़ौदा की दमकल गाडिय़ों को लगभग एक सैकड़ा बार पानी लेने जाना पड़ा। यही वजह रही कि लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझ पाई।


आदिवासी बस्ती मेें रात भर रही दहशत, कई घर खाली कराए
शहर के बीच में स्थित थोक सब्जी व फल मंडी में भीषण आग लगने मंडी की दीवार से सटी आदिवासी बस्ती में दशहत फैल गई। आग की ऊंची ऊंची लपटों के बाद गहरी नींद में सोए बस्ती के वाशिंदों में भगदड़ सी मच गई, जिसके चलते दीवार से सटे घरों को तो लोगों ने खाली भी करा दिया। हालांकि मंडी की दुकानों की दीवारें ऊंची होने से बस्ती में आग नही फैल पाई, लेकिन दो घरों को चपेट में ले लिया। जिसके चलते दो आदिवासी परिवारों के घर जल गए।


पुलिस बोली-शॉर्टसर्किट से लगी आग
हालांकि आगजनी का वास्तविक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन पुलिस का मानना है कि आगजनी का कारण किसी दुकान में शॉर्टसर्किट हुआ, जिसके कारण आग भड़की है। पुलिस की माने तो कुछ दुकानों में गैस सिलेँडर भी रखे थे, जो आग लगने के बाद फट गए। वहीं व्यापारियों का कहना है कि शॉर्टसर्किट होता है तो एक-दो दुकान में ही आग लगती, लेकिन जिस तरह से जरा सी देर में पूरी दुकानें चपेट में आ गई, उससे संदेह पैदा हो रहा है।


सर्वे के बाद बनी सूची, इन व्यापारियों की दुकानों हुई खाक
आगजनी के बाद सुबह एसडीएम श्योपुर रूपेश उपाध्याय के नेतृत्व में राजस्व अमला पहुंचा और नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम ने पटवारियों को सर्वे कर नुकसान का आंकलन के निर्देश दिए। सर्वे में पीडि़त दुकानदारों ने अपनी अनुमाति क्षति बताई, जिसके आधार पर 38 दुकानदारों का लगभग एक करोड़ 10 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। सर्वे में जिन व्यापारियों की दुकानें जली हैं, उनमें कृष्णा पारेता, रमेशचंद रैगर, मंागीलाल आर्य, गोविंद आर्य, प्रभुलाल सुमन, तुलसीराम आर्य, धमेंद्र उपाध्याय, दिलीप दुबे, राजकुमारी सेन, ओमप्रकाश माहौर, सुमनलता पंजाबी, राजेश कुमार पंजाबी, हनुमान बाथम, नंदलाल वैश्य, चंद्रकला आर्य, रामदयाल आर्य, लखन बाथम, रामभरोस मंगल, भानुप्रताप मंगल, जहूर अली, साबिर अली, मो.इस्माइल, नईम, दिलीप गोयल, बबलू गोयल, लोकेश राठौर, मुबारिक मंसूरी, विष्णु मित्तल, भोलाराम गर्ग, अब्दुल खालिद, मो.आरिफ, राजेश राठौर, हेमराज राठौर, आबताब, संतोष अग्रवाल, इमरान अली, सलीम और शरीफ मिर्जा शामिल हैं।