
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पंचायत के 607 सीटें होंगी प्रभावित
श्योपुर. सुप्रीम कोर्ट द्वारा पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को खत्म किए जाने के आदेश के बाद अब ओबीसी वर्ग के उन उम्मीदवारों के लिए भी चुनौती बढ़ गई है, जो अभी तक केवल अपने ही वर्ग के प्रतिद्वंद्वियों से सामना करने की तैयारी कर रहे थे। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार ओबीसी वर्ग की सीटें अनारक्षित होने के चलते उन सीटों पर कोई भी दावेदारी कर सकेगा। चूंकि इस आदेश से जिले में पिछड़ा वर्ग के आरक्षित कुल 607 पद प्रभावित हो रहे हैं, लिहाजा अब सैकड़ों उम्मीदवारों की उम्मीदें धूमिल होती नजर आ रही है।
वर्तमान में चल रही पंचायत चुनाव प्रक्रिया में वर्ष 2014 का आरक्षण रखा गया था। वर्ष 2014 के आरक्षण के अनुसार जिले में तीनों स्तर पर कुल 607 पद अन्य पिछड़ा या अन्य पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है। इसमें जिला पंचायत सदस्य के 3 पद(वार्ड 1 मानपुर, वार्ड 4 राड़ेप और वार्ड 9 सहसराम), जनपद पंचायत सदस्य के 13 पद (श्योपुर जनपद में 6, विजयपुर में 6 और कराहल जनपद में 1 पद), सरपंच पद के 42 और पंच पद के 549 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं। लेकिन अब नए आदेश के बाद ये सभी अनारक्षित माने जाएंगे, लिहाजा इन सीटों पर पंच, सरपंच, जिपं सदस्य और जनपद सदस्य बनने का सपना संजोए ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के सामने न केवल संकट खड़ा हो गया है, बल्कि चुनौती बढ़ गई है।
जिले में ये ग्राम पंचायतें होंगी प्रभावित
वर्ष 2014 के आरक्षण अनुसार जिन ग्राम पंचायतों में सरपंच पद ओबीसी वर्ग मुक्त या ओबीसी महिला के लिए आरक्षित था, उनमें श्योपुर विकासखंड की ढोढर, धीरोली, सेमल्दा, जैनी, दांतरदाकला, लहचौड़ा, छोटाखेड़ा, नारायणपुरा, नयागांव, मेखड़ाहेड़ी, बासौंद, प्रेमपुरा, खिरखिरी, बहरावदा, सेवापुर, चकबमूल्या, लुहाड़, नगदी, आमल्दा, हलगांवड़ा बुजुर्ग, लूंड, गलमान्या, कुहांजापुर, इंद्रपुरा शामिल है। जबकि विजयपुर विकासखंड में श्यामपुर, नदीगांव, हीरापुरा, लाडपुरा, हुल्लपुर, बेनीपुरा, गोहरा, मेवरा, बिचपुरी, सहसराम, खुरजान, बुढ़ेरा, गसवानी, सारंगपुर, बेचाई, बड़ौदाकला, सिमरई और चिमलवानी शामिल हैं।
Published on:
18 Dec 2021 10:56 pm
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