
कृषि कानून के खिलाफ चक्काजाम करने वाले 65 किसानों पर एफआइआर
श्योपुर. कृषि कानून के विरोध में चक्काजाम करने वाले किसान नेताओं और किसानों पर प्रशासन ने देर रात एफआइआर दर्ज करा दी। कलेक्टर के प्रतिबंधात्मक आदेश और धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में बड़ौदा थाना पुलिस ने हलगांवड़ा के कोटवार की रिपोर्ट पर पांच नामजद और 60 अज्ञात लोगों पर आइपीसी की धारा 188 के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। इस एफआइआर के बाद किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किए जाने पर प्रशासन एफआइआर दर्ज कर आवाज नहीं दबा सकता, किसान हित के लिए किसान जेल जाने को भी तैयार है।
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों की खिलाफत करते हुए रविवार को श्योपुर-बारां इंटरस्टेट हाइवे पर चंद्रपुरा-हलगांवड़ा तिराहे पर किसानों ने चक्काजाम कर दिया और तीन घंटे तक जाम रहा। यही वजह है कि प्रशासन ने बड़ौदा थाने में आधी रात में जाकर एफआइआर दर्ज करा दी। पुलिस ने फरियादी रामचरण पुत्र परशुराम नायक निवासी हलगांवड़ा बुजुर्ग (ये गांव के कोटवार है, जो प्रशासन का ही एक मैदानी कर्मचारी होता है) की रिपोर्ट पर रात 12 बजकर 18 मिनट पर सुखदेव जाट निवासी तलावड़ा, योगेश जाट निवासी सूंसवाड़ा, राधेश्याम मीणा निवासी मूंडला, जसवंत मीणा निवासी बछेरी और सुरेंद्र मीणा निवासी सहित 50 से 60 अज्ञात लोगों पर आइपीसी की धारा 188 के तहत एफआइआर दर्ज की। जिसमें बताया गया है कि कोरोना महामारी के दौरान कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन कर धरना प्रदर्शन किया गया। जिन पांच नामजद किसानों पर एफआइआर हुई है, उनमें योगेश जाट कांग्रेस के प्रदेश सचिव हैं, वहीं राधेश्याम मीणा किसान स्वराज संगठन के अध्यक्ष हैं।
कोरोना महामारी के तहत लागू की गई धारा 144 का उल्लंघन किए जाने पर हलगांवड़ा के कोटवार की रिपोर्ट पर पांच नामजद व 50-60 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
मनोज झा, थाना प्रभारी बड़ौदा
Published on:
21 Sept 2020 10:43 pm
बड़ी खबरें
View Allश्योपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
