
Kuno National Park: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी आ रही है, यहां फीमेल चीता निर्वा ने अपने 4 शावकों को जन्म दिया है। चीता शावकों के जन्म के बाद कूनो में खुशी और जश्न का माहौल है। बता दें कि चीता प्रोजेक्ट को इस साल दो साल पूरे हुए हैं और दो साल में 17 शावक भारत की धरती पर जन्म ले चुके हैं। वहीं चीता निर्वा के शावकों को जन्म देने के बाद देश की धरती पर जन्म लेेने वाले चीता शावकों की संख्या अब 22 हो गई है। हालांकि इससे पहले 2022-2024 तक इन दो साल में जन्म लेने वाले 17 शावकों में से 5 शावकों की मौत की खबर ने वाइल्ड लाइफ लवर्स को दुखी भी किया।
कूनो नेशनल पार्क में जश्न के माहौल के बीच सीएम मोहन यादव ने भी अपने सोशल मीडिया X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की है। सीएम ने लिखा है कि 'आज चीता प्रोजेक्ट को बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। हमारे 'चीता स्टेट' मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता 'निर्वा' ने 4 शावकों को जन्म दिया है, जो प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।'
सीएम ने आगे लिखा है कि चीता प्रोजेक्ट के संरक्षण में सम्मिलित सभी वन्यकर्मियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं, आप निरंतर अपने समर्पित प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण एवं पारिस्थितिकी संतुलन में अपना योगदान सुनिश्चित करते रहें।
बता दें कि इससे पहले भी सीएम मोहन यादव ने फीमेल चीता वीरा के गर्भवती होने की खुशखबरी भरी पोस्ट शेयर कि थी। लेकिन असल में वीरा नहीं बल्कि फीमेल चीता निर्वा प्रेग्नेंट थी और उसे कड़ी निगरानी में रखा जा रहा था, ताकि उसकी सेहत और होने वाले शावकों पर नजर रखी जा सके।
बता दें कि मध्य प्रदेश में चीतों का पुनर्वास भारत की जैव विविधता को पुनर्जीवित करने की यात्रा की शुरुआत है। 2022 में, प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया से आठ चीते भारत लाए गए थे। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से चीतों की दूसरी खेप भारत लाई गई थी। पीएम मोदी ने अपने जन्म दिन पर इन चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में तैयार बाड़ों में छोड़ा था। वर्तमान में इनकी संख्या 24 थी, जो अब निर्वा के शावकों को शामिल करने का बाद चीतों की संख्या 28 हो गई है।
बता दें कि मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों का कुनबा बढ़ने के साथ ही यहां मौतों का सिलसिला भी लगातार चला। कूनो में अब तक 8 वयस्क चीतों की मौत हो चुकी है। इनमें तीन मादा और पांच नर शामिल हैं। वहीं चीता शावकों की मौतें भी वन विभाग में हड़कंप मचाती रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस महत्वाकांक्षी पहल की सफलता है, जिसके तहत 1952 में भारत में विलुप्त घोषित की गई प्रजाति को पुनः अस्तित्व में लाया गया है।
फीमेल चीता निर्वा की सफल डिलीवरी के बाद कूनो नेशनल पार्क के जिम्मेदारों का कहना है कि कूनो नेशनल पार्क की आबोहवा चीतों को रास आ गई है। चीतों का कुनबा बढ़ना इसका उदाहरण है। इसीलिए कूनो में जश्न का माहौल है। वन्यजीव मुख्यालय के एक अधिकारी का कहना है कि 'इस विकास को भारत में चीता की स्थायी आबादी स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।'
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में 24 चीते हैं, जिनमें 12 वयस्क और 12 शावक हैं। अब निर्वा ने कुनबा बढ़ाया है। पहले से मौजूद 12 शावकों के बीच अब नए 4 मेहमानों को भी शामिल किया जाएगा। वयस्क चीतों में से कुछ को आगामी दिनों में खुले जंगल में रिलीज किया जाना है। हालांकि इस संबंध में स्टीयरिंग कमेटी की अनुमति आना बाकी है, लेकिन कूनो प्रबंधन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
Updated on:
26 Nov 2024 04:27 pm
Published on:
25 Nov 2024 06:07 pm

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