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Kuno National Park : 9 चीतों की मौत के बाद अब नहीं होगी शिफ्टिंग, ‘निर्वा’ की लोकेशन ट्रेस नहीं !

श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में 129 दिनों में 9 चीतों की मौत, सुप्रीम कोर्ट की चिंता और शिफ्टिंग की सलाह के बीच साफ हो गया कि कूनो के चीते कहीं शिफ्ट नहीं होंगे। चीतों के लिए बन रहे दूसरे घर गांधीसागर में भी उन्हें नहीं भेजा जाएगा। यहां दक्षिण अफ्रीका से दिसंबर में लाए जाने वाले चीते भेजे जाएंगे। हालांकि गांधी सागर को तैयार कर कूनो से कुछ चीते शिफ्ट करने का प्रस्ताव था। कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार दिसंबर में कुछ चीते और लाए जाने हैं।

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Kuno National Park

नवंबर तक तैयार होगा गांधीसागर

गांधीसागर अभयारण्य को चीतों के लिए तैयार किया जा रहा है। 67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में इलेक्ट्रिक फेंसिंग लगाई जा रही है। आधा काम हो चुका है। कुछ दिन पहले ही यहां नरसिंहगढ़ से 267 चीतल भी लाए गए हैं। नवंबर तक यहां काम पूरा कर लिया जाएगा।

कूनो में सर्वाइवल मुश्किल

प्रोजेक्ट चीता के तहत कूनो में नामीबिया से 8 व दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए। यहां का मौसम रास न आने से चीतों का सर्वाइव करना मुश्किल हो रहा है। 27 मार्च से 2 अगस्त तक 9 चीतों (6 वयस्क और 3 शावक) की मौत हो चुकी है। तत्कालीन पीसीसीसएफ जेएस चौहान ने 15 अप्रेल को केंद्र को पत्र लिखकर कुछ चीतों को दूसरी जगह शिफ्ट करने और सभी को खुले जंगल में न छोड़ने की बात कही थी। इसके बाद भी 14 चीते जंगल में छोड़े।

गांधीसागर में दक्षिण अफ्रीका से आने वाले चीते रखे जाएंगे। कूनो से चीते शिफ्ट नहीं होंगे।- असीम श्रीवास्तव, पीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ

‘निर्वा’ के लिए बढ़ी चिंता

पिछले 12 दिनों से लापता हुई माता चीता निर्वा की लोकेशन ट्रेस नहीं हो रही है। वहीं, कूनो नेशनल पार्क में फ्लाई लार्वा संक्रमण का खतरा टला नहीं है। जानकारी मिली है कि मादा चीता निर्वा के गले में लगी ID मौत का खतरा बन रही है। ऐसे में कूनो नेशनल पार्क से लापता मादा चीता निर्वा के लिए चिंता बढ़ती जा रही है।

अब बताया जा रहा है कि ट्रैप कैमरों और ड्रोन के जरिए मादा चीता का पता लगाया जाएगा। कूनों में पिछले दिनों जिन छह चीतों की कॉलर आईडी हटाई गई है, उनके गले में भी घाव है। दरअसल, कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत की वजह उनके गले में लगी रेडियो कॉलर आईडी भी मानी जा रही थी। क्योंकि इससे इन्फेंकशन फेल रहा था।

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