chambal safari booking-मध्यप्रदेश से राजस्थान की ओर कराई जा रही बोटिंग...। चंबल सफारी में अब बढ़ने लगे टूरिस्ट...।
श्योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क और राजस्थान सवाईमाधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क के बीच राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य एक बड़े टूरिज्म कॉरिडोर की कड़ी तो है ही, साथ ही अब यहां हो रही चंबल सफारी भी पर्यटकों को लगातार लुभा रही है। यही वजह है कि राजस्थान की ओर से चंबल में चल रही बोटों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है।
इसी का परिणाम है कि एक साल पहले तक जहां चंबल नदी के राजस्थान की ओर पालीघाट पर दो सरकारी मिलाकर कुल छह बोट थीं। वहीं अब बोटों का आंकड़ा 35 तक पहुंच गया है। हालांकि, इनमें से 33 बोट निजी अनुबंध पर हैं। जिनमें आठ बोट तो हाल ही कोटा से मंगाई गई हैं। साल भर पहले तक जहां सफारी करने वाले पर्यटकों को आंकड़ा प्रतिदिन 50 था, वहीं अब यह 150-200 तक पहुंच गया है। इससे विभागीय अधिकारी भी उत्साहित हैं और पर्यटकों के लिए अन्य सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
पालीघाट पर पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, इसको देखते हुए अब यहां बोट की संख्या में भी वृद्धि की गई है। वहीं जल्द ही इसके टिकट भी ऑनलाइन किए जाएंगे।
अनिल यादव, उपवन संरक्षक, राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य सवाईमाधोपुर
यह सुविधाएं की विकसित
राजस्थान के घडिय़ाल अभयारण्य प्रबंधन ओर से पालीघाट पर पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। विभाग की ओर से यहां करीब दस से अधिक टेंट लगाए गए हैं। वहीं शौचालयों आदि की सुविधा मुहैया कराई गई है। इतना ही नहीं विभाग की ओर से पर्यटकों की सुविधा के लिए जल्द ही जलपान गृह, कैंटीन आदि की सुविधा को भी शुरू करने की योजना है। हालांकि, कैंटीन का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा।
बनेगा रोस्टर, बुकिंग भी होगी ऑनलाइन
अधिकारियों ने बताया कि चंबल में बोटों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में विभाग की ओर से राष्ट्रीय चंबल घडिय़ाल अभयारण्य में भी जल्द ही रोस्टर प्रक्रिया को शुरू करने का विचार किया जा रहा है। वहीं यहां टिकट बुकिंग को ऑनलाइन करने की भी तैयारी की जा रही है। बताया गया है कि नए साल में पालीघाट में चंबल अभयारण्य के टिकट भी ऑनलाइन हो जाएंगे।
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