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श्योपुर में खुलेगा मेडीकल कॉलेज, नागदा में बनेगी बिल्डिंग

स्वास्थ्य सेवाओं से पिछड़े श्योपुर में उम्मीद की चमकी नई किरण, केंद्र सरकार के 75 नए मेडीकल कॉलेज खोलने के प्रोजेक्ट की सूची में श्योपुर भी शामिल, स्थानीय जिला प्रशासन ने भी पिछले दिनों भेजा है जमीन का प्रस्ताव

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श्योपुर में खुलेगा मेडीकल कॉलेज, नागदा में बनेगी बिल्डिंग

श्योपुर में खुलेगा मेडीकल कॉलेज, नागदा में बनेगी बिल्डिंग

श्योपुर,
यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो वर्ष 2020-21 तक पिछड़े और आदिवासी बाहुल्य श्योपुर जिले में भी मेडीकल कॉलेज खुल जाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार ने देश में तीसरे चरण में 75 नए मेडीकल कॉलेज खोलने के प्रोजेक्ट में श्योपुर को भी शामिल किया है। विशेष बात यह है कि मेडीकल कॉलेज के भवन के संबंध में मांगे गए प्रस्ताव के तहत पिछले दिनों श्योपुर के स्वास्थ्य महकमे ने जिला प्रशासन के माध्यम से ग्राम नागदा में जमीन चिन्हित का प्रस्ताव भी भेज दिया है।

बताया गया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की टेक्निकल इवेल्यूशन कमेटी की गत 26 सितंबर को दिल्ली में हुई 30वीं बैठक में श्योपुर सहित 31 नए मेडीकल कॉलेजों की सूची के साथ चर्चा भी हुई और इसमें इसे स्वीकृति मिल गई है। इस 31 मेडीकल कॉलेजों की सूची में मध्यप्रदेश के श्योपुर सहित 10 और राजस्थान के पड़ौसी जिले करौली, बारां, बूंदी सहित 10 जिले शामिल हैं। बताया गया है कि गत जून माह में केंद्र सरकार की केबिनेट बैठक में पूरे देश में 75 नए मेडीकल कॉलेज स्वीकृत हुए। जिसके बाद अगस्त माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2021-22 तक इन नए 75 सरकारी मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए अपनी मंजूरी भी दे दी। जिसके बाद अब नए कॉलेजों के लिए प्रस्ताव मंगाकर जिला अस्पतालों को लिस्टेड किया जा रहा है, जिसमें श्योपुर भी शामिल है। बताया गया है कि इन कॉलेजों को मौजूदा जिला/रेफरल अस्पतालों के साथ चल रहे केंद्र प्रायोजित योजना के चरण-3 के तहत अटैच किया जाएगा।

325 करोड़ रुपए आएगी मेडीकल कॉलेज में लागत
केंद्र सरकार के इस प्रोजेक्ट के मुताबिक जिला अस्पताल को मेडीकल कॉलेज के रूप में उन्नयन करने पर लगभग 325 करोड़ रुपए की लागत आएगी। यही वजह है कि पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की मांग पर जिला प्रशासन ने प्रारंभिक रूप से ग्राम नागदा में लगभग 50 बीघा जमीन चिन्हित की है। जिसका प्रस्ताव भी जिला प्रशासन द्वारा राज्य सरकार के मार्फत केंद्र को भेजा गया है।


...तो श्योपुर को लोगों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर
डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे श्योपुर जिला अस्पताल के मेडीकल कॉलेज में उन्नयन होने के बाद श्योपुर जिले के वाशिंदों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए राजस्थान के कोटा-सवाईमाधोपुर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। क्योंकि मेडीकल कॉलेज बनने के बाद जहां स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ेगी, वहीं डॉक्टरों की कमी भी मेडीकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों से पूरी हो जाएगी। यही वजह है कि शनिवार को इस सूची के साथ सोशल मीडिया पर नेताओं में श्रेय लेने और बधाई देने की होड़ मच गई।


हमने प्रस्ताव भेज दिया
श्योपुर में मेडीकल कॉलेज खोले जाने के लिए प्रस्ताव हमसे मांगा गया था, जिसका प्रस्ताव बनाकर हमने भेज दिया है। इसके लिए ग्राम नागदा में जमीन भी चिन्हित की गई है।
डॉ.एआर करोरिया
सीएमएचओ, श्योपुर