
आजीविका के लिए कुवैत में पसीना बहा रहे श्योपुर के एक हजार युवा
श्योपुर,
काम-धंधे की तलाश और आजीविका के लिए अमूमन युवा देश के अन्य शहरों और राज्यों का रुख करते हैं, लेकिन श्योपुर से बड़ी संख्या में युवा ऐसे भी हैं जो खाड़ी देश कुवैत में आजीविका के लिए अपना पसीना बहा रहा हैं। वर्तमान में शहर सहित जिले भर से लगभग एक हजार लोग कुवैत में विभिन्न काम में लगे हुए हैं, इनमें अधिकांश लैबर के काम में लगे हुए हैं।
दीनार मुद्रा वाले खाड़ी देश कुवैत में श्योपुर से युवाओं के जाने की होड़ गुजरे कुछ साल में ही शुरू हुई है। कुवैत में हाथ से जुड़े रोजगार, लैबर कार्य की सहज उपलब्धता, छोटी नौकरियों की असीम संभावनाओं और भारतीय मुद्रा रुपए के मुकाबले दीनार की कई गुना अधिक कीमत के कारण युवक कुवैत की ओर आकर्षित हो रहे हैं। वर्तमान में श्योपुर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों कनापुर, बगवाज, बगडुआ, ज्वालापुर, पांडोला, बागल्दा आदि गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग वर्तमान में कुवैत में विभिन्न कार्यों में लगे हुए हैं। इनमें दाउदी बोहरा समाज के तो लगभग एक घर से एक सदस्य कुवैत में है या रहकर का आ चुका है। बताया गया है कि भारतीय लोगों को कुवैत में इमानदारी और मेहरतकशी होने के कारण काम-धंधे भी आसानी से मिल जाते हैं। वर्तमान में कुवैत में लगभग 25 फीसदी भारतीयों की संख्या है, जिसमें लगभग एक हजार श्योपुर के लोग भी हैं।
एक दीनार 233 रुपए का
खाड़ी देश में सबसे संपन्न और अमीर देश कहे जाने वाले कुवैत की मुद्रा दीनार है। वर्तमान में एक दीनार की भारतीय रुपए में कीमत 233 रुपए है। इस लिहाज से कुवैत में 10 दीनार रोजाना कमाने वाला व्यक्ति भी भारतीय रुपए के मान से 2330 से भी अधिक कमा सकता है।
ये बोले प्रवासी...
कुवैत की दीनार की वेल्यू भारतीय मुद्रा रुपया से काफी ज्यादा है, लिहाजा लोग कुवैत जाने के लिए ज्यादा इच्छुक रहते हैं और यहां काम भी आसानी से मिल जाता है।
नइमुद्दीन, कुवैत में काम रहे युवा
बोहरा समाज के लोग कुवैत में विभिन्न कामों में लगे हुए हैं। मैं भी वहां 10 साल रहकर आया हूं और अब मेरा पुत्र वहां है और मोबाइल एसेसरीज की दुकान लगाता है।
सिराज दाउदी, कुवैत से लौटे
Published on:
19 Dec 2019 12:03 pm
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