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खतरे के निशान से पांच फीट ऊपर पार्वती, खातौली पुल पर 21 फीट पानी, चंबल नदी भी 13 फीट चढ़ी

parvati and chambal river water level increases: वहीं दूसरी ओर कोटा बैराज से साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण चंबल नदी में भी 13 फीट तक पानी बढ़ गया और शाम तक भी चंबल का जलस्तर चढ़ाव पर था। इसी के चलते प्रशासन ने चंबल और पार्वती नदी के किनारे के दो दर्जन गांवों में फिर से अलर्ट जारी कर दिया है। दोनों नदियों के उफान में सांड और सूंडी गांव टापू बने हुए हैं।

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parvati and chambal river water level increases

parvati and chambal river water level increases

श्योपुर. मध्यप्रदेश के मालवा और राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के चलते श्योपुर जिले की सीमा में बह रही चंबल और पार्वती नदियां फिर से रौद्र रूप में आ गई है। शुक्रवार को पार्वती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5 फीट ऊपर हो गया। इस वजह से पार्वती नदी पर बने खातौली पुल पर 21 फीट पानी हो गया। उधर कुहांजापुर पुल के ऊपर भी तीन फीट पानी आ गया। यही वजह रही कि श्योपुर का राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र से संपर्क टूट गया।

वहीं दूसरी ओर कोटा बैराज से साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण चंबल नदी में भी 13 फीट तक पानी बढ़ गया और शाम तक भी चंबल का जलस्तर चढ़ाव पर था। इसी के चलते प्रशासन ने चंबल और पार्वती नदी के किनारे के दो दर्जन गांवों में फिर से अलर्ट जारी कर दिया है। दोनों नदियों के उफान में सांड और सूंडी गांव टापू बने हुए हैं।

यूं तो पार्वती नदी बीते पांच दिनों से उफान पर है, लेकिन शुक्रवार के तडक़े से ही नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। यही वजह रही कि श्योपुर-कोटा हाइवे पर खातौली पुल तो बीते चार दिनों से डूबा ही हुआ था। जलस्तर बढऩे से श्योपुर-बारां हाइवे पर स्थित कुहांजापुर का सूरथाग पुल पर भी तीन फीट पानी आ गया है। यही नहीं पार्वती नदी दोपहर दो बजे बाद तो खतरे के निशान (198 मीटर) को भी पार कर पांच फीट ऊपर चढ़ गई। इसके चलते खातौली पुल पर 21 फीट तक पानी हो गया। इसी के चलते श्योपुर-कोटा मार्ग लगातार पांचवें दिन भी बंद रहा तो कुहांजापुर पुल डूबने से श्योपुर-बारां हाइवे भी बंद हो गया। हालांकि मजबूरन लोग एक लंबा फेर काटकर पार्वती एक्वाडेक्ट के रास्ते गए, लेकिन एक तरह से दिन भर हाड़ौती से संपर्क कटा रहा।

साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, चंबल भी बेकाबू
शुक्रवार को चंबल नदी एक बार फिर तेजी से बढ़ी। शुक्रवार को कोटा बैराज से दिनभर 3 लाख क्यूसेक से ऊपर पानी छोड़ गया और शाम 4 बजे तो डिस्चार्ज पानी की मात्रा साढ़े तीन लाख क्यूसेक कर दी गई, इसके बाद रात में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। बताया गया है कि गांधीसागर से भी शुक्रवार को 3 लाख 20 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। यही वजह रही कि गुरुवार शाम चंबल का 191.76 मीटर पर थी, वो शुक्रवार शाम को 13 फीट चढकऱ 195.76 मीटर पर पहुंच गई। चंबल का जलस्तर बढऩे से दांतरदा क्षेत्र की ब्यागड़ नदी में भी पानी आ गया, जिससे दांतरदा-जैनी मार्ग बंद हो गया। वहीं जैनी में क्षेत्रपाल बाबा मंदिर के निकट तक चंबल का पानी पहुंच गया।

आधा घंटे में 24 मिमी बारिश, बाजारों में भरा पानी
बीते एक सप्ताह से सूखे सी स्थिति और उमस भरी गर्मी से बेहाल श्योपुर में भी अब मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शुक्रवार दोपहर को महज आधा घंटे में 24 मिमी बारिश दर्ज की गई। काले-घने बादल ऐसे झूमकर बरसे की दोपहर में अंधेरा सा हो गया, वहीं शहर के मुख्य बाजार, सब्जी मंडी गली, चूड़ी बाजार, पुल दरवाजा आदि इलाकों में लबालब पानी हो गया। वहीं बड़ौदा में भी झमाझम बारिश होने से बाजारों और सब्जी मंडी में घुटनों तक पानी भर गया।

शुक्रवार को नदियों का जलस्तर (मीटर में)






























जलस्तर की स्थितिचंबलपार्वती
खतरे का निशान 199.50 198.00
सुबह 8 बजे193.36196.80
दोपहर 2 बजे195.16199.50
शाम 6 बजे195.76199.50

800 के पार हुई जिले की बारिश
जिले में फिर से मानसून सक्रिय होने से जिले की बारिश का आंकड़ा भी 800 मिमी को पार कर गया। भू अभिलेख विभाग के मुताबिक 13 सितंबर तक की स्थिति में जिले में 801 मिमी बारिश हो गई है। अब सामान्य बारिश से ये 21 मिमी दूर है।