
रेलवे के इंजीनियर और राजस्व अफसर देंगे जमीन अधिग्रहण को अंतिम रूप
श्योपुर । ग्वालियर-श्योपुर ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के लिए जिले में जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है। इसी के तहत अब रेलवे के इंजीनियर्स और राजस्व अफसर बैठकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। इसके लिए तहसीलस्तर पर बैठकें होंगी, जिसमें पुराने सर्वे प्रस्ताव की त्रुटियों में भी सुधार होगा, साथ ही मुआवजे के लिए जा रही निजी जमीन के एक-एक प्रकरण की बारीकी से जांच होगी।
30 जनवरी से होने वाली इन बैठकों में भू-अर्जन अधिनियम की धारा 11,19, 21(1) और 21(2) के माध्यम से होने वाली भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पर चर्चा होगी। निजी भूमि के जमीन अधिग्रहण प्रकरणों को सूचीबद्ध किए जाने के लिए श्योपुर, वीरपुर और कराहल तहसीलस्तर पर बैठक होगी, जिसमें रेलवे के इंजीनियर्स सहित संबंधित एसडीएम और तहसीलदार मौजूद रहेंगे।
बताया गया है कि पूर्व में बनाए गए जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव में कई त्रुटियां हैं, जिसमें कहीं सरकारी जमीन निजी सर्वे नंबर में मिला दी गई, तो कहीं कुछ किसानों की जो निजी जमीन चार भाइयों में विभाजित है, उसे एक ही सर्वे नंबर लिखकर दर्शा दिया गया। ऐसे में जब मुआवजा वितरण की स्थिति आएगी तो उसमें प्रतिकूल स्थितियां बनना तय है। यही वजह है कि पिछले दिनों कलक्टर की मौजूदगी में आयोजित बैठक में ये स्थिति सामने आने के बाद तय हुआ कि तहसीलस्तर पर बैठकें होगी, जिसमें राजस्व रिकॉर्ड से मिलानकर पुराने सर्वे को दुरुस्त किया जाएगा और फिर निजी जमीनों के मुआवजे के प्रकरण बनाए जाएंगे।
तीनों तहसीलों पर होगी बैठकें
बताया गया है कि जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए इस कार्यक्रमों के मुताबिक वीरपुर तहसील पर 30 जनवरी से 2 फरवरी तक, श्योपुर तहसील में 6 से 10 फरवरी तक और कराहल तहसील क्षेत्र के प्रकरणों के लिए 28 -29 फरवरी को बैठक होगी।
तीन तहसीलों के 40 गांव की जमीन है जद में
ब्रॉडगेज प्रोजेक्ट के लिए जिले में श्योपुर, कराहल और वीरपुर तहसील के 47 गांवों की निजी व शासकीय भूमि अधिग्रहण की जद में है। इन गांवों में वीरपुर तहसील के बड़ागांव, श्यारदा, वीरपुर, पांचो, सिखेड़ा, गोहर, जाखेड़, तेलीपुरा, छाबर, घूघस, श्यामपुर, बासोना, भेरापुरा, धोरीबावड़ी, डोंगरपुर, रघुनाथपुर, रावतपुरा, सुमरेरा, महुआमार, टर्राकला, बलावनी, चांदपुरा, हांसलखुर्द, हांसिलपुर, श्योपुर तहसील के नसीरपुर, फूलदा, गोठरा, कोंकड़, लाडपुरा, चकबमूल्या, शंकरपुर, कोटरा, न्यू भीकापुर, दांतरदाखुर्द, रायपुरा, बर्धाबुजुर्ग, मेवाड़ा और कराहल तहसील के हीरापुर व गिरधरपुर शामिल हैं।
पुराने सर्वे में जो त्रुटियां है, उसमें राजस्व रिकॉर्ड से मिलानकर सुधार किया जाएगा, इसके लिए तहसीलस्तर पर बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है। जिसके बाद मुआवजे के प्रकरण सूचीबद्ध होंगे।
राजेंद्र रॉय, अपर कलक्टर, श्योपुर
Published on:
30 Jan 2019 08:12 am
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