
मोबाइल ऐप से घर बैठे भी करा सकेंगे गेहूं विक्रय का पंजीयन
श्योपुर. आगामी अप्रैल-मई में होने वाली समर्थन मूल्य पर गेहूं की खीरीद के लिए जिले में तैयारियां प्रारंभ हो गई है। जिसमें किसानों के पंजीयन शुरू हो गए हैं, जो 28 फरवरी तक चलेंगे। पंजीयन के लिए जिले में 37 केंद्र बनाए गए हैं, जिनके ऑपरेटरों को सोमवार को खाद्य-आपूर्ति विभाग से आइडी-पासवर्ड भी जारी कर दिए गए हैं। विशेष बात यह है कि इस बार निर्धारित केंद्रों के साथ ही किसान घर बैठे भी मोबाइल ऐप और वेबसाइट के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकेंगे।
बताया गया है कि पंजीयन केंद्रों पर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक शासकीय कार्य दिवसों में निर्धारित केन्द्रों पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त किसान एमपी किसान ऐप, ई-उपार्जन मोबाईल ऐप, पब्लिक डोमेन में ई-उपार्जन पोर्टल पर तथा रबी उपार्जन करने वाली पात्र संस्थाओं के मुख्यालय पर भी उपार्जन के लिए पंजीयन करा सकते हैं। इसमें सभी नवीन एवं पुराने किसानों को पंजीयन कराना आवश्यक है, जिससे किसान पंजीयन पर्ची के आधार पर उपार्जन किया जा सकेगा। एमपी किसान ऐप एवं ई-उपार्जन पंजीयन ऐप को एन्ड्रायड बेस्ड मोबाईल पर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
ऐप डाउनलोड होने के उपरांत किसान पंजीयन के लिए सर्वप्रथम ग्राम एवं खसरा का चयन करना होगा। खसरे में उल्लेखित रकबा एवं फसल से सहमत होने पर किसान के आधार नम्बर से ओटीपी आधारित सत्यापन किया जाएगा तथा किसान का मोबाइल, आधार नम्बर और बैंक खाता नम्बर की प्रविष्टि की जाएगी। इन प्रविष्टियों के उपरांत किसान एप के डाटा कस्टोडियन राजस्व विभाग द्वारा वेब सर्विस के माध्यम से ई-उपार्जन में डाटा प्रेषित किया जाएगा। विशेष बात यह है कि सिकमी किसान एवं वन पट्टाधारियों का पंजीयन, केवल पंजीयन केन्द्रों पर ही किया जाएगा।
पंजीयन के समय देनी होगी यह जानकारी
समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के पंजीयन के लिए किसान को नाम, समग्र आईडी नंबर, आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, बैंक का आईएफएससी, मोबाइल नम्बर विक्रय तिथियों के तीन विकल्प देने होंगे। वन पट्टाधारी एवं सिकमी किसान को छोडकऱ अन्य किसानों को दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य नहीं होगा। पंजीयन के समय किसान को यह पुष्टि कर लेनी चाहिए कि उसकी जानकारी सही स्वरूप में दर्ज हुई है, क्योंकि उपार्जन के समय मूलभूत जानकारी में संशोधन के विकल्प की सुविधा केन्द्र स्तर पर उपलब्ध नहीं होती है।
बढ़े रकबे के बीच चुनौती होगी खरीदी
इस बार जिले में गेहूं का रकबा लगभग 95 हजार हेक्टेयर में है। यही वजह है कि इस बार ज्यादा खरीदी की संभावनाओं के मद्देनजर प्रशासन के लिए खासी चुनौती होगी। हालांकि अभी लक्ष्य तय नहीं हुआ है, लेकिन बताया जा रहा है कि इस बार खरीदी 25 लाख से 28 लाख क्ंिवटल के बीच संभावित है। गत वर्ष 22 लाख क्विंटल गेेहूं की खरीद हुई थी।
समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो 28 फरवरी तक चलेगी। इसके लिए 37 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं।
एनएस चौहान, जिला आपूर्ति अधिकारी, श्योपुर
Published on:
03 Feb 2020 11:28 pm
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