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श्योपुर जिले में हर जनगणना में घटता-बढ़ता रहा लिंगानुपात

कोरोना संकट के चलते इस बार जनगणना की प्रक्रिया डांवाडोल, प्रगणकों की ट्रेनिंग भी नहीं हो पाई

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श्योपुर जिले में हर जनगणना में घटता-बढ़ता रहा लिंगानुपात

श्योपुर जिले में हर जनगणना में घटता-बढ़ता रहा लिंगानुपात

श्योपुर.देश और प्रदेश में बढ़ती जनसंख्या के बीच घटता लिंगानुपात शासन-प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है और इसके नियंत्रण के लिए तमाम प्रयास हो भी रहे हैं, लेकिन लिंगानुपात में अपेक्षानुरूप सुधार नहीं दिख रहा है। श्योपुर जिले में भी लिंगानुपात की स्थिति ज्यादा बेहतर नहीं है। हालांकि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले का लिंगानुपात 902 है, लेकिन हर जनगणना मेंं लिंगानुपात लगातार बढऩे के बजाय घटता-बढ़ता ही रहा है।


जिले में वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक एक हजार पुरुषों पर 902 महिलाएं हैं, जबकि वर्ष 2001 की जनगणना में यह आंकड़ा 895 पर था। हांलाकि 2001 के मुकाबले 2011 की जनगणना में जिले का लिंगानुपात बढ़ा है, लेकिन जनगणना के आंकड़ों पर गौर करें तो श्योपुर जिले के क्षेत्र में पिछले सौ साल में हुई 11 जनगणना में से लिंगानुपात का आंकड़ा महज दो बार 9 सैकड़ा के पार हुआ है, अन्यथा बाकी 9 जनगणना वर्ष में लिंगानुपात 900 से नीचे ही रहा है। वर्ष 2011 के पहले वर्ष 1951 की जनगणना के अंतर्गत जिले का लिंगानुपात 908 हुआ है। इसके अलावा वर्ष 1911 में 846, वर्ष 1921 में 822, वर्ष 1931 में 825, वर्ष 1941 में 831, वर्ष 1961 में 861, वर्ष 1971 में 886, वर्ष 1981 में 887, वर्ष 1991 में 880 तथा वर्ष 2001 में 895 का लिंगानुपात रहा।

घट रही जनसंख्या वृद्धि दर
जहां एक ओर जिले में लिंगानुपात की स्थिति में उतार-चढ़ाव रहा है, वहीं जनसंख्या की दशकीय वृद्धि में कमी आई हैं। यही वजह है कि वर्ष 1981-91 में 33.3 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई, वहीं वर्ष 1991-01 में यह वृद्धि 29.7 पर आ गई और अब वर्ष 2001-11 में यह 23 फीसदी पर आ गई। हांलाकि जनसंख्या वृद्धि दर का यह दशकीय प्रतिशत प्रदेश की वृद्धि दर 20.3 से अधिक है, लेकिन छोटे जिले में जनसंख्या वृद्धि दर का निरंतर कम होना राहत की बात है।

कोरोना संकट ने थामी जनगणना की प्रक्रिया
जनगणना 2021 की तैयारियां वर्ष की शुरुआत में ही शुरू हो गई थी, लेकिन बीते चार महीनों में ये कोरोना संकट के चलते थम गई हैं। यही वजह है कि इस वर्ष जहां घरों की गणना और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर की कार्रवाई नहीं हो सकी है, वहीं जनगणना के लिए प्रगणकों की ट्रेनिंग भी नहीं हो पाई हैं। ऐसे में असमंजस की स्थिति है कि अगले वर्ष तय समय पर जनगणना हो पाएगी या नहीं। इस संंबंध में जिला योजना अधिकारी केशव गोयल कहते हैं कि प्रक्रिया चल रही है और कर्मचारियों की आईडी बनाने सहित अन्य कार्य चल रहे हैं। शासन के जैसे निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई होगी।