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#मिशन मध्यप्रदेश-2.0#आधा बीघा में टमाटर की खेती से कमाए एक लाख रुपए

श्योपुर जिले के बड़ौदा निवासी युवा किसान भरत सुमन ने नई तकनीक से की टमाटर की खेती, पाया लागत का सात गुना मुनाफा

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#मिशन मध्यप्रदेश-2.0#आधा बीघा में टमाटर की खेती से कमाए एक लाख रुपए

#मिशन मध्यप्रदेश-2.0#आधा बीघा में टमाटर की खेती से कमाए एक लाख रुपए

श्योपुर,
यदि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कम संसाधनों के बावजूद मेहनत से अन्य लोगों के लिए उदाहरण बना जा सकता है। कुछ ऐसी ही कहानी है कि श्योपुर जिले के बड़ौदा के युवा किसान की, जिसने महज आधा बीघा में नई तकनीक से टमाटर की खेती की और कोरोनाकाल के लॉकडाउन में एक लाख रुपए के टमाटर बेचकर लागत से सात गुना तक मुनाफा कमाया।
कॉलेज के ग्रुेज्युएशन करने के बाद बड़ौदा निवासी युवा किसान भरत सुमन ने नौकरी तलाश करने के बजाय अपनी पुश्तैनी जमीन से ही कृषि को आजीविका बनाने का निर्णय लिया। यही वजह है कि भरत अपनी महज सवा दो बीघा जमीन में परंपरागत और आधुनिक तकनीक से सब्जियों की खेती करते हैं। इसी के तहत उन्होंने खेत के आधा बीघा के हिस्से में टमाटर की खेती शुरू की। हालांकि पिछले वर्षों में उन्होंने परंपरागत तरीके से टमाटर लगाए, लेकिन इस बार नई तकनीक से टमाटर की खेती की तो न केवल उत्पादन बढ़ा बल्कि इस लॉकडाउन के दौर में लगभग एक लाख रुपए के टमाटर बेचकर अच्छी आय प्राप्त की। किसान भरत सुमन का कहना है कि आधा बीघा में टमाटर की खेती करने में लगभग 15 हजार रुपए की लागत आई, लेकिन उत्पादन अच्छा होने से लगभग एक लाख रुपए के टमाटम इसमें निकले हैं।


ये अपनाई तकनीक तो बढ़ा टमाटर का उत्पादन
किसान भरत सुमन ने पहले खेत तैयार किया और तीन तीन फीट की दूरी पर एक-एक फ़ीट ऊंची मेढ़ बनाई। इन मेढ़ों पर 9-9 इंच की दूरी पर टमाटर के पौधे लगाए, ताकि पौधे बड़े होने पर एक दूसरे से न टकराए। यहीं पौधे बढ़े होकर जमीन में गिरे नहीं इसके लिए मेढ़ के दोनों किनारों पर 8 फ़ीट ऊंचे बांस लगाकर रस्सी बांध दी, जिससे पौधे 6 से 7 फ़ीट तक के हो गए और जमीन पर नहीं गिरे।यही वजह रही कि टमाटरों की क्वालिटी भी अच्छी रही। किसान भरत का कहना है कि परम्परागत रूप से टमाटर की खेती में टमाटर आते ही पौधे जमीन पर लेट जाते हैं, जिससे टमाटर खराब हो जाते हैं। इसके साथ ही मेढ़ पर पौधे लगाने से पौधों में नमी बनी रहती है और एक्स्ट्रा पानी बहकर निकल जाता है।