
श्योपुर से डिग्गी के लिए रवाना हुआ 10 हजार पदयात्रियों का जत्था
श्योपुर,
बाजे छै नौबत बाजा, म्हारा डिग्गीपुरी का राजा..., मैं तो जाउंगी डिग्गीपुरी का मेड़ा में..., भंडारा में नाचे म्हारी बीनणी रे..., जैसी स्वर लहरियों के बीच राजस्थान के टोंक जिले के डिग्गी-मालपुरा में विराजित श्रीकल्याण धणी के दर्शनों के लिए बुधवार को श्योपुर से 23वीं पदयात्रा रवाना हुई। क्षेत्र में खुशहाली और अच्छी फसल की कामना के साथ रवाना हुई पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु का सैलाब उमड़ पड़ा।
गाजेबाजे के साथ शहर के प्रमुख मार्ग से झूमते-नाचते गुजरे पदयात्रियों का शहर में जगह-जगह स्वागत किया। वहीं रास्ते में भी कई जगह स्वागत सत्कार के कार्यक्रम रखे गए। यह पदयात्रा करीब सवा दो सौ किलामीटर की दूरी तय कर एक सप्ताह बाद कल्याण धाम पर पहुंचेंगी और मंदिर पर परंपरागत रूप से झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ समाप्त होगी। श्योपुर से रायपुरा, सोंईकलां, बगडुवा, भोगीका होते हुए कल्याण धणी के रवाना हुए पदयात्रियों का पहला पड़ाव ग्राम दांतरदा में रहा, जहां दांतरदावासियों की ओर से भण्डारे का आयोजन किया गया। इसके बाद यात्रा बोदल, सवाईमाधोपुर, कुस्तला, चोरू होते हुए 8 अगस्त को डिग्गी कल्याणजी पहुंचेगी। विशेष बात यह है कि पदयात्रा का शुभारंभ तो सुबह 10 बजे के आसपास हुआ, लेकिन पदयात्रियों की रवानगी तडक़े से ही प्रारंभ हो गई। यही वजह रही कि श्योपुर-सवाईमाधोपुर हाइवे पर पूरे रास्ते पदयात्रियों के जत्थे नजर आए।
टोड़ी गणेश के दरबार में हुआ ध्वज पूजन
कोरोना के दो साल बाद डिग्गी कल्याणजी की पदयात्रा इस बार फिर भव्य रूप में आयोजित की जा रही है। बीते 22 सालों से जारी पदयात्रा के क्रम में 23वीं पदयात्रा का शुभारंभ बुधवार को शहर के टोड़ी गणेश मंदिर से हुआ। यहां आमंत्रित अतिथियों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गणेशजी के दरबार में ध्वज पूजन हुआ, जिसके बाद पदयात्रा का कारवां रवाना हो गया। इस दौरान आमंत्रित संतगण, आयोजन समिति के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि आदि ने भी भागीदारी की।
Published on:
03 Aug 2022 04:40 pm
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