
मानसून तक टली चीतों की शिफ्टिंग, फैसला सितंबर में
श्योपुर,
कूनो नेशनल पार्क से कुछ चीतों को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने को संभावना फिलहाल टल गई और अब सितंबर के बाद ही संभावनाएं तलाशी जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले दिनों कूनो का भ्रमण कर लौटी विशेषज्ञों की टीम ने एनटीसीए को अपनी रिपोर्ट दी है, जिसमें कहा कि सितंबर में प्रोजेक्ट की समीक्षा की जाएगी और इसके आधार पर ही चीतों को कूनो से नई बसाहट में भेजे जाने का निर्णय होगा।
चीता प्रोजेक्ट में 17 सितंबर से अभी तक की स्थितियों का आंकलन के लिए 30 अप्रेल को एनटीसीए के आईजी डॉ.अमित मलिक, डब्ल्यूआईआई के डीन कमर कुर्रेशी और दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञ एड्रियन टॉरडिफ और विसेंट वेनडेन मर्व ने कूनो का भ्रमण किया और अपनी रिपोर्ट एनटीसीए को दी। जिसके बाद एनटीसीए ने इसी रिपोर्ट के आधार पर अब बयान जारी किया। जिसमें कहा है कि सितंबर में मानसून का मौसम खत्म होने के बाद स्थितियों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर चीता प्रोजेक्ट के तहत चीतों को नई बसाहट के लिए गांधीसागर और अन्य क्षेत्रों में भेजा जा सकता है। इससे साफ है कि 44 दिन में 3 चीतों की मौत के बाद भी अभी सितंबर तक चीतों की दूसरी जगह शिफ्ंिटग नहीं होगी।
पीसीसीएफ ने पत्र लिखकर की थी शिफ्टिंग की मांग
पहले मादा चीता साशा की मौत और फिर खुले जंगल से नर चीता पवन के चार बार कूनो की सीमा से बाहर निकलने के बाद मप्र फॉरेस्ट के पीसीसीएफ(वाइल्ड लाइफ) जसवीर सिंह चौहान ने पिछले महीने एनटीसीए को पत्र लिखकर कूनो से कुछ चीतों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग रखी। लेकिन इस पत्र का कोई जवाब नहीं आया और अब एनटीसीए ने सितंबर में आंकलन करने की बात कहकर शिफ्ंिटग की संभावनाओं को फिलहाल टाल दिया है।
Published on:
14 May 2023 11:02 am
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