
श्योपुर में है राम नाम की अनूठी बैंक, यहां 12 साल में जमा हो गए 600 करोड़ राम नाम
श्योपुर,
कहते हैं राम के नाम में इतनी शक्ति होती है कि पानी में भी पत्थर तैरने लगते हैं। उसी राम नाम की शक्ति को श्योपुर के एक अनूठे बैंक में जमा भी किया जाता है। राम के प्रति अथक श्रद्धा के चलते श्योपुर जिले में श्रद्धालुओं ने एक अनूठी बैंक बनाई है, जिसमें राम नाम लिखी कॉपियां जमा की जाती है। यही वजह है कि बीते 12 सालों में 4 हजार साधक-साधिकाएं 600 करोड़ राम नाम लिख चुके हैं।
वर्ष 2011 से शुरू हुआ राम नाम लेखन का सिलसिला
ऊं नम: शिवाय मिशन समिति श्योपुर के तत्वावधान में वर्ष 2011 से राम नाम लेखन का कार्य प्रारंभ किया गया और एक राम नाम बैंक बनाई है। हालांकि इस बैंक से जुड़े प्रारंभ में चंद साधक ही थे, लेकिन 12 साल में इस समिति में 4000 साधक-साधिकाओं का कारवां जुड़ गया है, जिनकी राम नाम लिखी पुस्तिकाएं इस बंैक में जमा कराई जाती है।
कई साधक लिख चुके हैं 4 करोड़ से अधिक नाम
यूं तो समिति की इस बैंक से जुड़े 4 हजार साधक साधिकाएं हैं, जिनमें कई साधक तो ऐसे हैं जो 4 करोड़ से अधिक राम नाम लिख चुकेहैं। इनमें समिति के संरक्षक रामसिंह मीणा मेवाड़ा, रामस्वरूप मीणा तुलसैफ, बाबूलाल मीणा तुलसैफ, बाबूलाल मीणा बगडुआ आदि शामिल है। विशेष बात यह है कि राम नाम लिखने वाले साधकों को समिति द्वारा हर साल सम्मानित भी किया जाता है।
समिति रखती है पूरा लेखा जोखा
ऊं नम: शिवाय मिशन समिति द्वारा राम नाम की इस बैंक संचालन करती है। ये समिति हर साधक और खाताधारक को पुस्तक आवंटन करना और फिर मंत्र लिखी व राम नाम लिखी पुस्तक को जमा करना, उसका रिकॉर्ड रखना आदि कार्य करती है। साथ ही हर साल बैंक में एकत्रित राम नाम लिखी कॉपियां को ऊंकारेश्वर में जाकर जमा कराया जाता है।
हर माह गांवों में होता है सम्मान समारोह
समिति संचालक रामसिंह मीणा मेवाड़ा बताते हैं कि समिति के माध्यम से इस धार्मिक प्रयोजन को बढ़ाने और राम नाम की शक्ति को आत्मसात कराने के लिए हर माह किसी न किसी गांव में बैठक आयोजित होती है। जिसमें नए साधकों को जोड़ा जाता है, साथ ही पुराने उन साधकों का सम्मान किया जाता है, जो एक लाख से अधिक राम नाम लिख लेता है।
Published on:
22 Jan 2024 11:37 am
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