
कूनो में बढ़ गया चीतों का कुनबा (photo Source- Patrika)
Kuno National Park :मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में शनिवार एक और ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। बोत्सवाना से अफ्रीकी महाद्वीप के 9 नए चीते विशेष विमान से भारत पहुंचे हैं। यह चीतों का तीसरा बड़ा जत्था है, जो 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत भारत लाया गया है। भारतीय वायुसेना के विमान से रात में ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के बाद सुबह भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से इन्हें कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया गया।
केंद्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन चीतों को क्वारंटाइन बाड़ों में रिलीज किया। इनके आने से भारत में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है। कूनो में पहले से मौजूद चीतों की सफल प्रजनन दर और शावकों का जन्म इस प्रोजेक्ट की मजबूती दिखाता है। यह कदम न सिर्फ चीता संरक्षण की दिशा में बड़ा है, बल्कि भारत में विलुप्त हो चुके इस राजसी जानवर को वापस लाने की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। पार्क में विशेष तैयारियां की गई, जहां चीतों को एक महीने तक क्वारंटाइन में रखकर स्वास्थ्य जांच और अनुकूलन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद इन्हें मुख्य बाड़े में छोड़ दिया जाएगा।
बता दें कि, बोत्सवाना से कूनो लाए गए सभी 9 चीतों में से 6 मादा हैं, जबकि 3 नर चीते। इस तरह अब कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 45 हो चुकी है। खास बात ये है कि, इनमें से 28 चीते भारत में पैदा हुए हैं। इसके अलावा 3 चीते कूनो से ही गांधीसागर वन्य क्षेत्र में छोड़े गए हैं। इस तरह देशभर में इनकी संख्या बढ़कर कुल 48 हो गई है। फिलहाल, बोत्सवाना से लाए गए सभी 9 चीतों को एक महीने के लिए पहले क्वारंटीन किया जाएगा। इके बाद ही इन्हें मुख्य क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
विशेष भारतीय वायुसेना विमान से बोत्सवाना से उड़ान भरकर चीते शुक्रवार रात 9-10 बजे ग्वालियर पहुंचे. यहां एक्सपर्ट टीम ने उनकी स्वास्थ्य जांच की. सुबह 8:30 बजे से दो हेलीकॉप्टरों में चीतों को लोड कर कूनो के लिए रवाना किया गया जबकि एक हेलीकॉप्टर एक्सपर्ट टीम के साथ गया. पार्क में सुरक्षित लैंडिंग के लिए 5 हेलीपैड बनाए गए. सुबह 9:30 बजे तक चीतों को कूनो पहुंचाकर क्वारंटाइन बाड़ों में छोड़ दिया गया।
यह ट्रांसलोकेशन अभियान वैश्विक वन्यजीव संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। बोत्सवाना सरकार ने भारत को ये चीते सौंपे हैं, जो दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक है। प्रोजेक्ट चीता 2022 में नामीबिया से शुरू हुआ था, जब 8 चीते लाए गए। 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते आए। अब बोत्सवाना से तीसरी खेप के साथ आबादी तेजी से बढ़ रही है।
कूनो नेशनल पार्क की उपयुक्त पारिस्थितिकी, शिकार की उपलब्धता और सुरक्षित क्षेत्र ने चीतों के प्रजनन को संभव बनाया है। यहां कई मादाओं ने शावक दिए हैं, जैसे- गामिनी, ज्वाला, आशा आदि। ये सफलता दिखाती है कि, भारत में चीता फिर से स्थापित हो सकता है। आने वाले चीतों को पहले ग्वालियर में विशेषज्ञों द्वारा जांच के बाद हेलीकॉप्टर से पार्क भेजा जहां 5 हेलीपैड तैयार हैं। यह ऑपरेशन तनाव मुक्त और वैज्ञानिक तरीके से किया गया, ताकि चीतों का स्वास्थ्य प्रभावित न हो।
Published on:
28 Feb 2026 01:07 pm
बड़ी खबरें
View Allश्योपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
