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तोड़ दिया शहर का दरवाजा, नए सिरे से बनाने की योजना फाइलों में गुम

शहर की पहचान था पुल दरवाजा, लेकिन नए सिरे से बनाने का मामला अधर में

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तोड़ दिया शहर का दरवाजा, नए सिरे से बनाने की योजना फाइलों में गुम

श्योपुर । कभी श्योपुर की पहचान रहा पुल दरवाजा पहले तो नपा ने तोड़ दिया, लेकिन अब नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव भी फाइलों में ही अटका है। यही वजह है कि क्षेत्र के लोग आक्रोशित हैं। लोगों का कहना है कि श्योपुर की ऐतिहासिक पहचान पुल दरवाजा को नए सिरे से न केवल बनाया जाए बल्कि हेरीटेज लुक दिया जाए।


गौड़ राजाओं की राजधानी रहे श्योपुर नगर में शहर के बंजारा डैम से खरादी बाजार की ओर जाने वाले रास्ता पर रामद्वारा के निकट एक ऐतिहासिक दरवाजा बना हुआ था, जिसे पुल दरवाजा कहा जाता था। एक तरह से ये शहर का प्रवेश द्वारा माना जाता था और श्योपुर की पहचान भी था। लेकिन पिछली नगरपालिका परिषद के कार्यकाल में इस ऐतिहासिक पुल दरवाजे को तोड़ दिया। हालांकि तत्समय इसका विरोध भी हुआ, लेकिन नपा प्रशासन ने किसी की नहीं सुनी। इसी के तहत जब नई परिषद ने इस दरवाज को नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव रखा तो शहरवासियों को उम्मीद जगी कि अब ये दरवाजा फिर खड़ा होगा, लेकिन ये प्रस्ताव भी अधर में है।


डेढ़ साल पहले बनाया गया था प्रस्ताव
नगरपालिका परिषद ने जून 2017 में पुल दरवाजे को नए सिरे से बनाने और इसमें राजस्थानी हेरीटेज लुक देने का प्रस्ताव बनाया था। लेकिन उसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में है। बताया गया है कि लगभग 10 लाख रुपए की लागत से नए सिरे दरवाजा बनाने में आएगी। शहर के वाशिंदों का आरोप है कि पिछली परिषद ने रामद्वारा के निकट एक मैरिज गार्डन के लिए रास्ता चौड़ा करने का लाभ देने के लिए पुल दरवाजे केा जमींदौज किया था। ऐसे में लोगों का कहना हैकि नए सिरे से बनाने में भी हो सकता है इसी प्रकार का रोड़ा हो।


पुल दरवाजे का पार्क भी नहीं बना
जहां एक ओर पुल दरवाजा अधर में है, वहीं दूसरी इसी क्षेत्र में एक तिकोना पार्क भी नपा परिषद ने डेढ़ साल पूर्व प्रस्तावित किया था, लेकिन उसके संबंध में भी अब प्रस्ताव फाइलों से बाहर नहीं आ पाया है। लोगों का कहना है कि नपा परिषद प्रस्ताव तो बना लेती है, लेकिन उसे धरातल पर नहीं उतारी।