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Sheopur News: एमपी के तीन गांवों में एक साथ उठीं 7 अर्थियां, करौली हादसे के बाद चार परिवारों में पसरा मातम

Sheopur News: राजस्थान के करौली से पोस्टमार्टम के बाद शाम को मध्य प्रदेश लाए गए शव, टर्राखुर्द, भूतकछा और अर्रोदरी गांवों में मचा कोहराम, एक साथ उजड़ गए 4 परिवार, सभी का अंतिम संस्कार

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राजस्थान के करौली जिले में हुए भीषण हादसे में मध्य प्रदेश के तीन गांवों में मृतकों के अंतिम संस्कार में उमड़ी ग्रामीणों की भीड़।

Sheopur News: राजस्थान के करौली जिले में सोमवार 1 जुलाई की शाम को हुए भीषण सड़क हादसे का शिकार हुए जिले के सात मृतकों के शव मंगलवार की शाम को उनके गांवों में पहुंचे तो कोहराम मच गया। हर तरफ रूदन-रुदाली के बीच 3 गांवों में 7 अर्थियां उठी और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

इस हादसे ने एक नहीं बल्कि एक साथ चार परिवारों को जिंदगी भर का गम दिया, जिससे न केवल मृतकों के परिजन और रिश्तेदारों की बल्कि तीनों गांवों के हर ग्रामीण की आंख नम नजर आई। बता दें कि श्योपुर जिले के ढोढर थाना क्षेत्र के टर्राखुर्द, भूतकछा और अर्रोदरी एक ही परिवार के सदस्य अपने राजस्थान के रिश्तेदारों के साथ बोलेरो से करौली राजस्थान में मां कैलादेवी (Kailadevi Temple) के दर्शन के लिए गए थे, लेकिन लौटते वक्त ट्रक और बोलेरो की भिड़ंत में 9 सदस्यों की मौत हो गई, जिसमें 7 श्योपुर जिले के निवासी थे। बोलेरो में कुल 13 लोग थे, जिसमें 4 घायल हैं।

तीन का अंतिम संस्कार भूतकछा में हुआ

ढोढर क्षेत्र के भूतकछा निवासी सुरेश रावत की पत्नी विमला (48), पुत्र अतुल (19) और पुत्री हेमलता(28) का अंतिम संस्कार भूतकछा में हुआ। हालांकि हेमलता का ससुराल किन्नपुरा गांव में है, लेकिन उसका अंतिम संस्कार भी भूतकछा में ही हुआ है। विशेष बात यह है कि, हादसे में हेमलता की ढाई साल की पुत्री काजल घायल है, जिसका उपचार चल रहा है।

दो का टर्रा और दो का अर्रोदरी में किया अंतिम संस्कार

हादसे में ग्राम टर्राखुर्द निवासी जगमोहन रावत के परिवार के 4 सदस्य अकाल मृत्यु का शिकार हुए हैं। इनमें जगमोहन की पत्नी पिस्ता (40) और पुत्र भानु (11) का अंतिम संस्कार टर्राखुर्द में किया गया, जबकि उनकी दोनों पुत्रियां सोनम (21) और हीरा (22) का अंतिम संस्कार अर्रोदरी में हुआ, जहां उनका ससुराल है।

परिजनों ने की सहायता राशि बढ़ाने की मांग

हादसे में एमपी के मृतक 7 जनों के परिजनों को मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपए तथा घायलों को 20-20 हजार रुपए तथा इसी प्रकार राजस्थान सरकार की ओर भी राजस्थान के मण्डरायल खिरकन निवासी दोनों मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 20-20 हजार रुपए की देने की घोषणा की गई है।

हालांकि परिजनों व ग्रामीणों की ओर से सहायता राशि 4 लाख के स्थान पर 5 लाख दिए जाने तथा घायलों को 20-20 हजार के स्थान पर 50 हजार रुपए दिलाने की मांग की गई।

इस दौरान प्रशासन द्वारा अधिकाधिक लाभ दिलाने के आश्वासन पर भी काफी देर तक गतिरोध जारी रहा। राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री रमेश मीना, विजयपुर (एमपी) के विधायक रामनिवास रावत, जिला कलेक्टर नीलाभ सक्सेना, पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय, एडीएम, एएसपी, विजयपुर एसडीएम बीएस श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।

इस दौरान कलेक्टर ने राशि बढ़वाने के लिए प्रस्ताव भिजवाने तथा मृतकों के परिजनों को कैटल शेड व अपना काम योजनाओं में प्रस्तावों को स्वीकृति मिलने पर लाभ दिलाने की बात कही।

सीएम ने जताया दुख, 4-4 लाख रुपए की सहायता की घोषणा

हादसे पर मप्र के सीएम डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया है और कहा है कि, मध्यप्रदेश शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि, दिवंगतों की पुण्य आत्मा को मोक्ष प्रदान करें। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

ये हुए घायल

सड़क हादसे में खिरकन निवासी रविंद्र पुत्र ब्रजमोहन, मुस्कान पत्नी विमल, पुलिस थाना खंडार के बड़वास निवासी ममता पत्नी रामरूप मीणा तथा भूतकछा निवासी काजल उर्फ दिव्यांशी पुत्री नारायण घायल हो गए। इनमें से मंगलवार को काजल उर्फ दिव्यांशी को छुटटी दे दी गई, जबकि तीन अन्य घायलों का जयपुर में उपचार चल रहा है।

हादसे ने तबाह कर दिया जीजा-साले का परिवार

भूतकछा निवासी सुरेश रावत और टर्रार्खुद निवासी जगमोहन रावत के परिवार के 7 सदस्य इस हादसे का शिकार हुए हैं। जगमोहन सुरेश का जीजा है। हालांकि दोनों ही दर्शन के लिए करौली नहीं गए थे, लेकिन नियति ने ऐसा वज्रपात किया है कि, दोनों को जिंदगी भर का गम दे दिया। हादसे में जगमोहन की दो बेटियां, एक पुत्र और पत्नी की मौत हो गई है और उनके परिवार में कोई नहीं बचा। वहीं सुरेश रावत की पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री की मौत हुई है। अब उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री बची है।

मामला क्या

श्योपुर जिले में ढोढर क्षेत्र के भूतकछा निवासी सुरेश रावत का परिवार एक जुलाई को बोलेरो जीप से कैलादेवी दर्शनों के लिए आया था। रास्ते में मंडरायल के पास खिरकन से रिश्तेदारों को भी साथ ले लिया। दर्शन कर लौटते समय मंडरायल के ससेड़ी मोड़ के पास बोलेरो और पत्थर से भरे ट्रक में आमने सामने की भिड़ंत हो गई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि, बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। हादसे में 6 महिला व 3 पुरुषों सहित 9 जनों की मौत तथा 4 जने घायल हो गए थे। तीन जनों के गंभीर घायल होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया जबकि करीब ढाई वर्षीय एक बालिका को उपचार के बाद छुटटी दी गई।

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