
sheopur
श्योपुर,
अपने गांव की कमजोर टीम को दूसरे गांवों की टीमें हरा देती थी। बस यही टीस दिल को लग गई तो सरपंच ने अपने गांव के नाम पर पेशेवर क्रिकेटरों को शामिल कर मजबूत टीम बनाई और गांव के नाम पर 20 क्रिकेट टूर्नामेंट जीते।
ये सरपंच है श्योपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत डाबरसा के सरपंच रामबलवान मीणा, जिन्हें क्रिकेट का ऐसा शौक है कि गांव के युवा क्रिकेटरों और बाहर के पेशेवर क्रिकेटरों के कॉम्बीनेशन की मजबूत टीम केा लेकर बीते एक दशक में एक सैकड़ा से अधिक टूर्नामेंटों में भागीदारी कर चुके हैं। इनमें से 20 टूर्नामेंट जीते हैं और तीन दर्जन से अधिक में फाइनल तक का सफर किया। बीते रेाज ही श्योपुर में आयोजित हुए अंतरराज्यीय टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में खिताब पर कब्जा जमाने वाली डाबरसा की टीम इस बार तो राजस्थान और हरियाणा के चार रणजी खिलाड़ी भी शामिल थे, जो सरपंच मीणा के क्रिकेटीय शौक को साफ दर्शाता है।
वर्ष 2006 से उतार रहे प्रोफेशनल क्रिकेटरों की टीम
ग्राम पंचायत डाबरसा के सरपंच रामबलवान मीणा को बचपन से ही क्रिकेट का शौक है। इस दौरान उन्होंने गांव में क्रिकेट की टीम भी बनाई थी, लेकिन उनकी गांव की टीम को आसपास के गांवों टीमें बेइमानी कर हरा देती थी और कई बाद विवाद की स्थिति बन जाती थी। इसी से मीणा ने गांव की टीम को मजबूत बनाने का निर्णय लिया और वर्ष 2006 में राजस्थान के कोटा, इटावा आदि के पेशेवर क्रिकेटरों से संपर्क कर टीम बनाई। हालांकि पेशेवर क्रिकेट बदलते रहते हैँ, लेकिन डाबरसा के नाम से उनकी क्रिकेट टीम ने न केवल श्योपुर जिले के गांवों बल्कि राजस्थान के कोटा, सवाईमाधोपुर और जयपुर जैसे शहरों तक के टूर्नामेंटों में भागीदारी की है। यही नहीं वे खुद भी क्रिकेट खेलते हैं और टूर्नामेंट के हिसाब से टीम में शामिल भी होते हैँ।
मजबूत टीम बनाने का निर्णय
हमारे गांव में क्रिकेट का ज्यादा चलन नहीं था और टीम कमजोर होती थी। जिससे दूसरे गांव की टीम हरा देती थी। एक बार तो एक गांव के खिलाडिय़ों में झगड़ा कर लिया, जिससे मैंने गांव की मजबूत टीम बनाने का निर्णय लिया। अब पेशेवर क्रिकेटरों से संपर्क कर उन्हें बुलाते हैं और टूर्नामेंट में भी गांव की टीम उतारते हैँ।
रामबलवान मीणा
सरपंच, ग्राम पंचायत डाबरसा
Published on:
25 Jan 2019 08:15 pm
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