
स्कूल ड्रेस के नाम पर तीस लाख का खेल
अनूप भार्गव/श्योपुर
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन नगर पालिका ने स्कूल ड्रेस के नाम पर तीस लाख रुपए का खेल करने का मामला सामने आया है। 19 महिला स्वसहायता समूहों को इसका शिकार बनाया गया। दरअसल स्कूली डे्रस सिलवाने के लिए शहर में गठित 200 समूहों में से 19 को चुना गया। स्कूल ड्रेस सिलाने के लिए समूह के खातो में राशि डलवा दी, लेकिन महिलाओं के खाते की पास बुक रख ली गई। जिससे समूह की महिलाएं अपनी मर्जी से कपड़े खरीद कर ड्रेस नही बना सकें। राशि हड़पने का पूरा खेल यही से शुरू हुआ।
इसके बाद समूह की महिलाओं पर दबाव बनाया गया। इनमें एनयूएलएम में कार्यरत कर्मचारी शामिल रहे। लेकिन स्वसहायता समूहों द्वारा दिए गए पैसे के बदले न कपड़े मिले न वापस राशि। बल्कि बच्चों की ड्रेस स्वसहायता समूहों से न सिलवाकर एनयूएलएम के कर्मचारियों ने खुद ही सिलवाकर जमा कर दी। जबकि स्वसहायता समूहों की महिलाओं को यह भी पता नही चल सका कि कब कपड़ा खरीदा व कब सिलाया और कब जमा किया गया। इतना ही नहीं इस मामले को लेकर महिला स्वसहायता समूहों ने कलेक्टर तक शिकायत की, लेकिन अब तक इस मामले में कुछ नहीं हो सका है। बल्कि नगर पालिका के अफसर मामले को लेकर गुमराह कर रहे हैं।
जुलाई माह में कार्रवाई के लिए दिया आवेदन
स्वसहायता समूह की महिलाओं ने जुलाई माह में कलेक्टर को शिकायती आवेदन दिया था। इसके बाद सिटी मैनेजर व शाखा प्रभारी एनयूएलएम को शाखा से हटाकर जांच कर कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन तत्कालीन कलेक्टर का स्थानांतरण हो जाने के बाद शाखा प्रभारी वापस सीट पर आ जमे, लेकिन समूह की महिलाओं को पैसा अब तक नहीं मिला।
इनका कहना है
19 समूहों के खाते में आए करीब 20-30 लाख रुपए खुर्दबुर्द कर कमीशन एनयूएलएम के कर्मचारी पचा गए। समूहों के पैसे का दुरूपयोग करने वाले एनयूएलएम मिशन मैंनेजर व शाखा प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर इनके खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई होना चाहिए।
विमला ओमप्रकाश पांचाल
प्रांतीय अध्यक्ष, स्वसहायता समूह महासंघ
वर्सन
अगर ऐसा मामला है जांच कर कार्रवाई की जाएंगी।
शिवम वर्मा, कलेक्टर
Published on:
05 Jan 2022 10:27 am
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