21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने खड़ी फसल को मिट्टी में मिलाया

- कार्रवाई का विरोध करने आए लोग, बुलाना पड़ा पुलिस फोर्स- प्रशासन ने जमीन पर लिया कब्जा, तहसीलदार ने अमले के साथ पहुंचकर की कार्रवाई

less than 1 minute read
Google source verification
sheopur

सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने खड़ी फसल को मिट्टी में मिलाया

श्योपुर
बंजारा डेम के ऊपर 6 बीघा सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए बुधवार को धान की खड़ी फसल को मिट्टी में मिला दिया। कार्रवाई का जमीन की बटाई करने वाले व्यक्ति के साथ कुछ अन्य लोगों ने विरोध किया। तहसीलदार भरत नायक ने लोगों को समझाया कि सरकारी काम में बाधा डालने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद लोग शांत हुए। लेकिन बटाईदार को पुलिस थाने लेकर चली गई। विरोध के चलते मौके पर पुलिस बल बुलाना पड़ा। प्रशासन की टीम ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
बुधवार की दोपहर तहसीलदार भरत नायक की अगुवाई में नायब तहसीलदार शिवराज मीणा, कोतवाली थाना प्रभारी जितेन्द्र नगाइच, आरआई, पटवारी व पुलिस कर्मियों के साथ जेसीबी मशीन लेकर बंजारा डेम के ऊपर कब्जे वाली सरकारी जमीन पर पहुंचे। टीम ने यहां पहुंचने के बाद जेसीबी मशीन से खड़ी फसल को नष्ट करना शुरू कर दिया और 1.254 हेक्टेयर जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया। उल्लेखनीय है कि सर्वे क्रमांक 1009/2ख/2 की सरकारी जमीन पर चन्द्रप्रकाश हरदैनिया पुत्र गुलाबशंकर हरदैनिया ने कब्जा कर रखा था। कलेक्टर बसंत कुर्रे ने 25 जुलाई को इस जमीन को सरकारी घोषित कर तहसीलदार को कब्जा लेने के निर्देश दिए। कब्जा हटाने के साथ ही जमीन को रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया।

लोगों ने किया विरोध, बुलाया पुलिस बल
जेसीबी से खड़ी फसल को जमीन में मिलते देख बटाईदार सहित आधा दर्जन से अधिक लोग आक्रोशित हो गए। लोगों को आक्रोशित होते देख मौके पर मौजूद तहसीलदार भरत नायक ने समझाया कि यह जमीन सरकारी है। इसलिए जमीन पर कब्जा करके खेती करना गैर कानूनी है। बाद में कार्रवाई के डर से लोग पीछे हट गए।