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एमपी से राजस्थान पहुंच गए दो चीते, घने जंगलों में दबदबा बनाने की कर रहे कोशिश

Cheetah- नेशनल पार्क के खुले जंगल में छोड़े गए भारतीय चीता शावक कर रहे अपनी टैरेटरी की तलाश, कूनो की सीमा के बाहर 4 चीते

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Two Cheetahs Travel from MP to Rajasthan to Establish Dominance in the Forests

फाइल फोटो पत्रिका

Cheetah- एमपी के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में भारतीय चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ये भारतीय चीते कूनो नेशनल पार्क के बाहर भी अपनी टैरेटरी तलाश में घूमते नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल में कुल 13 चीते हैं, इनमें से 4 चीते Cheetah तो नेशनल पार्क की सीमा से भी बाहर हैं। विशेष बात ये है कि इनमें भी 2 चीते तो राजस्थान की सीमावर्ती क्षेत्रों में है तो 2 चीते जिले के ही विजयपुर क्षेत्र के घने जंगलों में दबदबा बनाने की कोशिश करते हुए अपनी टैरेटरी तलाश रहे हैं।

कूनो में वर्तमान में कुल देशी-विदेशी चीतों की संख्या 50 हो चुकी है। इनमें 37 चीते जहां बाड़ों में हैं, वहीं 13 चीते खुले जंगल में छोड़े हुए हैं। कूनो पार्क की टीम लगातार चीता शावकों की निगरानी में जुटी है।

विजयपुर के जंगल में दो शावकों की पैठ

पार्क की सीमा से निकलकर 2 चीते जहां राजस्थान की सीमा में विचरण कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर 2 अन्य शावक श्योपुर के विजयपुर क्षेत्र के सामान्य वनमंडल के इलाके में घूम रहे हैं। इनमें केजीपी-1 जहां छिमछिमा हनुमान मंदिर के निकट के जंगल और कभी पहाडगढ़़ क्षेत्र के जंगल में नजर आ रहा है, तो केजेपी-1 नामक शावक चीता एक सप्ताह से गसवानी क्षेत्र में सक्रिय है।

ज्वाला के दो शावक, 1 बारां तो एक कोटा में

कूनो नेशनल पार्क से निकलकर ज्वाला के 2 शावक राजस्थान के बारां और कोटा जिलों में घूम रहे हैं। लगभग 2 साल से ज्यादा की उम्र के ये दोनों शावक केपी-1 और केपी-2 लगभग डेढ़ महीने से कूनो नेशनल पार्क की सीमा से बाहर है। इनमें केपी-1 नामक शावक चीता जहां राजस्थान के बारां जिले के रामगढ़ क्षेत्र के जंगल में डेरा डाले हुए हैं। वहीं केपी-2 नामक शावक चीता बारां जिले के निकलकर अब कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में पहुंच गया है। पिछले 5 दिनों से ये चीता इटावा रैंज के लक्ष्मीपुरा-लुहावद आदि गांवों के आसपास नजर आ रहा है। जिनके पीछे कूनो नेशनल पार्क की ट्रैकिंग टीमों के साथ ही राजस्थान का वन अमला भी तैनात किया हुआ है। वहीं कूनो पार्क की टीम भी समन्वय के साथ लगातार चीता शावकों की
निगरानी में जुटी हुई है।